आजमगढ़ अस्पताल में मानवता शर्मसार: डॉक्टर और गार्ड पर बुजुर्ग महिला व बेटे से मारपीट का आरोप

डॉक्टर और गार्ड पर बुजुर्ग महिला व बेटे से मारपीट का आरोप

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उत्तर प्रदेश के Azamgarh जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था और मानवता दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकारी मंडलीय जिला अस्पताल में एक बुजुर्ग महिला और उनके बेटे के साथ कथित तौर पर डॉक्टर और सुरक्षाकर्मियों द्वारा मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है।

वायरल वीडियो ने बढ़ाया आक्रोश
इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में पीड़ित बेटा रो-रोकर अपनी आपबीती सुनाता नजर आ रहा है। उसका आरोप है कि ओपीडी में मौजूद डॉक्टर ने पहले थप्पड़ मारा और बाद में सुरक्षाकर्मियों ने घेरकर बुरी तरह पीटा।

बुजुर्ग महिला भी नहीं बचीं
पीड़ित का दावा है कि आरोपियों ने उसकी बुजुर्ग मां को भी नहीं छोड़ा। महिला का हाथ मरोड़ा गया, उनके चेहरे पर थप्पड़ मारा गया और इस दौरान उनका चश्मा तक टूट गया। घटना के बाद महिला को चोटें आई हैं, जिससे उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।

इलाज से इनकार के बाद बढ़ा विवाद
जानकारी के मुताबिक, सिधारी थाना क्षेत्र के करनपुर गांव निवासी देवेंद्र सिंह परिहार अपनी मां सावित्री देवी को इलाज के लिए अस्पताल लाए थे। आरोप है कि डॉक्टर ने बिना एक्स-रे के ही प्लास्टर कराने को कहा। जब परिजनों ने पहले जांच कराने की बात कही, तो डॉक्टर नाराज हो गए और विवाद मारपीट में बदल गया।

सरकार का सख्त एक्शन
घटना सामने आने के बाद प्रदेश के डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री Brajesh Pathak ने मामले का तुरंत संज्ञान लिया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि:
अस्पताल के CCTV फुटेज सुरक्षित किए जाएं,
मौके पर जाकर निष्पक्ष जांच की जाए,
3 दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपी जाए,

प्रारंभिक कार्रवाई
ताज़ा जानकारी के अनुसार:
संबंधित सुरक्षा गार्ड को हटा दिया गया है,
स्वास्थ्य विभाग ने जांच तेज कर दी है,
दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही गई है,

बड़ा सवाल: क्या सुरक्षित हैं मरीज?
इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सरकारी अस्पतालों में मरीज और उनके परिजन सुरक्षित हैं? जहां इलाज की उम्मीद लेकर लोग आते हैं, वहीं अगर उनके साथ मारपीट हो, तो यह व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिन्ह है।

आजमगढ़ की यह घटना सिर्फ एक अस्पताल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे सिस्टम की खामियों को उजागर करती है। अब देखना होगा कि जांच के बाद दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है और क्या भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग पाती है।

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