विज्ञान और आस्था का अनोखा संगम: मंदिरों में छिपा वास्तुकला और ऊर्जा विज्ञान

भारत की पहचान केवल उसकी संस्कृति और परंपराओं से ही नहीं, बल्कि विज्ञान और आस्था के अद्भुत संतुलन से भी होती है। आमतौर पर विज्ञान और आस्था को एक-दूसरे का विरोधी माना जाता है, लेकिन भारतीय परंपराएँ इस धारणा को पूरी तरह बदल देती हैं। यहाँ आस्था अंधविश्वास नहीं, बल्कि गहरे अवलोकन, अनुभव और वैज्ञानिक सोच का परिणाम है।
मंदिरों में छिपा विज्ञान
भारत के प्राचीन मंदिर केवल पूजा स्थल नहीं, बल्कि वास्तुकला, ध्वनि विज्ञान और ऊर्जा संतुलन के अद्भुत उदाहरण हैं। मंदिरों की संरचना, गर्भगृह की स्थिति, घंटियों की ध्वनि और शिखर की ऊँचाई—सबका उद्देश्य सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बनाए रखना है, जिसे आज का विज्ञान भी स्वीकार करता है।
योग और ध्यान पर विज्ञान की मुहर
योग और ध्यान को भारत में सदियों से आस्था के साथ अपनाया गया। आज वैज्ञानिक शोध यह प्रमाणित कर चुके हैं कि योग से मानसिक तनाव कम होता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और मस्तिष्क अधिक सक्रिय रहता है। यही कारण है कि आज पूरी दुनिया योग को अपना रही है।









