क्रिसमस क्यों मनाया जाता है? : ईसा मसीह का जन्म और क्रिसमस का धार्मिक महत्व

क्रिसमस 2025 को लेकर इस बार लोगों में खास उत्सुकता देखने को मिल रही है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, गूगल सर्च और डिजिटल न्यूज़ चैनलों पर लगातार यह सवाल ट्रेंड कर रहा है कि “क्रिसमस क्यों मनाया जाता है और इसका वास्तविक महत्व क्या है?” बदलते समय में जहां त्योहारों का स्वरूप आधुनिक होता जा रहा है, वहीं लोग अब केवल उत्सव नहीं बल्कि उसके पीछे छिपे इतिहास, धार्मिक संदर्भ और सांस्कृतिक मूल्यों को भी समझना चाहते हैं।
ईसा मसीह का जन्म और क्रिसमस का महत्व
क्रिसमस ईसाई धर्म का सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र त्योहार माना जाता है। यह दिन ईसा मसीह (Jesus Christ) के जन्म की याद में मनाया जाता है। ईसाई मान्यताओं के अनुसार, ईसा मसीह का जन्म मानवता को पापों से मुक्ति दिलाने और दुनिया में प्रेम, करुणा तथा शांति का संदेश देने के लिए हुआ था। यही कारण है कि क्रिसमस केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि मानवता और भाईचारे का प्रतीक भी माना जाता है।
बाइबिल में ईसा मसीह की जन्म तिथि का स्पष्ट उल्लेख नहीं मिलता, लेकिन चौथी शताब्दी के आसपास चर्च ने 25 दिसंबर को ईसा मसीह के जन्मदिन के रूप में स्वीकार किया। इतिहासकारों का मानना है कि यह तिथि प्राचीन रोमन सभ्यता के सूर्य उत्सव से जुड़ी हुई थी, जिसे बाद में ईसाई परंपरा के साथ जोड़ दिया गया। समय के साथ 25 दिसंबर पूरी दुनिया में क्रिसमस के रूप में स्थापित हो गया।









