अगस्ता वेस्टलैंड केस में बड़ा मोड़: ED के बाद अब CBI केस में भी राहत

ED के बाद अब CBI केस में भी राहत

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अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले में आरोपी ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेल को एक बार फिर बड़ी कानूनी राहत मिली है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के बाद अब CBI केस में भी उसे जमानत मिल गई है। इस फैसले के बाद राजनीतिक और कानूनी हलकों में हलचल तेज हो गई है।

क्या है अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला?
अगस्ता वेस्टलैंड केस देश के सबसे चर्चित रक्षा सौदों में से एक है, जिसमें वीवीआईपी हेलीकॉप्टर खरीद में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोप लगे थे। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस सौदे में बिचौलियों के जरिए करोड़ों रुपये की रिश्वत दी गई, जिसमें क्रिश्चियन मिशेल की अहम भूमिका बताई गई।

ED के बाद CBI से भी राहत
इससे पहले मिशेल को मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े ED केस में जमानत मिल चुकी थी। अब CBI केस में भी राहत मिलने से उसकी हिरासत का रास्ता लगभग साफ हो गया है। हालांकि, अदालत ने साफ किया है कि यह राहत शर्तों के साथ दी गई है।

जमानत मिली, लेकिन पाबंदियां कायम
अदालत ने मिशेल को राहत तो दी है, लेकिन पासपोर्ट जमा, नियमित पेशी और बिना अनुमति देश न छोड़ने जैसी शर्तें अभी भी लागू हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि
क्या क्रिश्चियन मिशेल भारत छोड़ पाएगा या नहीं?

विदेश जाने की अनुमति पर सस्पेंस
कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, मिशेल को देश छोड़ने की इजाजत मिलना सरकार की आपत्ति और अदालत के अगले आदेश पर निर्भर करेगा। यदि जांच एजेंसियां उसकी मौजूदगी को जरूरी बताती हैं, तो विदेश जाने की अनुमति मिलना आसान नहीं होगा।

राजनीति फिर गरमाई
इस फैसले के बाद राजनीतिक दलों के बीच एक बार फिर पुराने आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। विपक्ष इसे सरकार की नाकामी बता रहा है, जबकि सत्ता पक्ष जांच प्रक्रिया पर भरोसा जताने की बात कह रहा है।

आगे क्या होगा?
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि
सरकार मिशेल के विदेश जाने पर क्या रुख अपनाती है
अदालत अगली सुनवाई में क्या निर्देश देती है
क्या अगस्ता वेस्टलैंड केस फिर से राजनीतिक मुद्दा बनेगा
यह मामला आने वाले दिनों में एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति और न्यायिक बहस के केंद्र में रह सकता है।

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