30 से ज्यादा देशों पर अमेरिका का ट्रैवल बैन: ट्रंप सरकार ने बढ़ाया ट्रैवल बैन का दायरा

ट्रंप सरकार ने बढ़ाया ट्रैवल बैन का दायरा

Comments

अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने इमिग्रेशन नीति को और ज्यादा सख्त करते हुए अपने ट्रैवल बैन का दायरा 30 से अधिक देशों तक बढ़ा दिया है। इस फैसले के तहत कई देशों के नागरिकों पर पूर्ण प्रतिबंध, जबकि कुछ पर आंशिक यात्रा और वीजा सीमाएं लागू की गई हैं। इसे अमेरिका की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा अब तक का सबसे बड़ा और कड़ा कदम माना जा रहा है।

ट्रंप प्रशासन का यह फैसला थैंक्सगिविंग वीकेंड के दौरान दो नेशनल गार्ड जवानों पर हुए हमले के बाद और तेज हुआ। इस हमले में आरोपी के अफगान नागरिक होने के बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने वीजा और इमिग्रेशन जांच प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।

किन देशों पर पूर्ण प्रतिबंध?
पहले से ही 12 उच्च-जोखिम वाले देशों पर पूरी पाबंदी लागू थी, जिनमें
अफगानिस्तान, म्यांमार, चाड, कांगो गणराज्य, इक्वेटोरियल गिनी, इरीट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान और यमन शामिल हैं।
अब इस सूची में बुर्किना फासो, माली, नाइजर, दक्षिण सूडान और सीरिया को भी जोड़ दिया गया है। इसके अलावा फिलिस्तीनी प्राधिकरण द्वारा जारी यात्रा दस्तावेज रखने वाले लोगों पर भी पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बहस छिड़ने की संभावना है।
साथ ही, पहले आंशिक प्रतिबंध झेल रहे लाओस और सिएरा लियोन पर अब पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

किन देशों पर आंशिक प्रतिबंध?
आंशिक प्रतिबंध के तहत बुरुंडी, क्यूबा, टोगो और वेनेजुएला पहले की तरह सूची में बने रहेंगे।
इसके अलावा 15 नए देशों को आंशिक प्रतिबंध में जोड़ा गया है, जिनमें
अंगोला, एंटीगुआ और बारबुडा, बेनिन, कोट डी’वोआर, डोमिनिका, गैबॉन, गाम्बिया, मलावी, मॉरिटानिया, नाइजीरिया, सेनेगल, तंजानिया, टोंगा, जाम्बिया और जिम्बाब्वे शामिल हैं।

ट्रंप प्रशासन ने क्या वजह बताई?
अमेरिकी सरकार का कहना है कि इन देशों में
बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार,
फर्जी या अविश्वसनीय दस्तावेज,
कमजोर आपराधिक रिकॉर्ड सिस्टम,
वीजा ओवरस्टे की ऊंची दर,
और डिपोर्ट किए गए नागरिकों को वापस लेने से इनकार जैसी समस्याएं हैं।
इन कारणों से इन देशों के नागरिकों की सुरक्षा जांच अमेरिका के लिए कठिन हो जाती है।

किन्हें मिलेगी छूट?
इस सख्त आदेश में कुछ अहम छूट भी दी गई है।
ग्रीन कार्ड धारक,
पहले से वैध वीजा रखने वाले लोग,
खिलाड़ी, राजनयिक और कुछ विशेष वीजा श्रेणियां,
और वे लोग जिनका प्रवेश अमेरिका के राष्ट्रीय हित में माना जाएगा।
हालांकि फैमिली-बेस्ड वीजा नियमों को और सख्त किया गया है, लेकिन केस-दर-केस छूट की व्यवस्था बनी रहेगी।

तुर्कमेनिस्तान को क्यों मिली राहत?
एक अहम फैसले में ट्रंप प्रशासन ने तुर्कमेनिस्तान के लिए रुख नरम किया है। अमेरिका का कहना है कि इस देश ने हाल के महीनों में बेहतर सहयोग किया है, जिसके चलते गैर-आप्रवासी वीजा पर लगी पाबंदी हटा ली गई है, हालांकि इमिग्रेंट वीजा पर रोक जारी रहेगी।
कुल मिलाकर, यह फैसला ट्रंप सरकार की कठोर इमिग्रेशन नीति को और स्पष्ट करता है। आने वाले दिनों में इसके अंतरराष्ट्रीय और मानवीय प्रभावों को लेकर वैश्विक मंच पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।

खबरे और भी है...