2025 में भारत का सबसे बड़ा दुश्मन कौन: क्या भारत का दुश्मन कोई देश है या बदलती भू-राजनीति?

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साल 2025 अपने अंतिम पड़ाव पर है और इसी के साथ भारत की विदेश नीति और वैश्विक छवि को लेकर एक गहरी और जरूरी बहस तेज हो गई है—
क्या 2025 में भारत का कोई एक “सबसे बड़ा दुश्मन” है, या असली चुनौती कहीं और छिपी है?
एक तरफ दुनिया के कई बड़े और प्रभावशाली देशों में भारत को लेकर भरोसा और सकारात्मक नजरिया मजबूत हुआ है, तो दूसरी ओर पड़ोसी देशों और कुछ मुस्लिम देशों में भारत-विरोधी भावनाएं तेज होती दिख रही हैं।
2025 में भारत की वैश्विक छवि कैसी है?
Pew Research Center के ताजा सर्वे के मुताबिक,
24 देशों में भारत को लेकर राय थोड़ी ज्यादा सकारात्मक रही है,
औसतन 47% लोग भारत को सकारात्मक, जबकि 38% लोग नकारात्मक नजर से देखते हैं,
केन्या, ब्रिटेन और इजराइल जैसे देशों में भारत की छवि बेहद मजबूत है, जहां 60% से ज्यादा लोग भारत के पक्ष में हैं।
जर्मनी, जापान, इंडोनेशिया और नाइजीरिया जैसे देशों में भी भारत को लेकर बहुमत सकारात्मक है।
लेकिन यह तस्वीर हर जगह एक जैसी नहीं है।
तुर्की और ऑस्ट्रेलिया में भारत के खिलाफ माहौल
सर्वे के अनुसार,
तुर्की और ऑस्ट्रेलिया ऐसे देश हैं जहां भारत को लेकर सबसे ज्यादा नकारात्मक राय सामने आई है। इन देशों में 50% से ज्यादा लोग भारत के खिलाफ सोच रखते हैं।
तुर्की में भारत की छवि क्यों खराब?
तुर्की में भारत की छवि खराब होने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं—
कश्मीर मुद्दे पर तुर्की का खुला रुख,
इस्लामिक राजनीति और बयानबाज़ी,
राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन द्वारा भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणियां,
इन सबने भारत-तुर्की रिश्तों में लगातार खटास बढ़ाई है।
बांग्लादेश: सबसे बड़ी और नई चिंता
2025 का सबसे चौंकाने वाला बदलाव बांग्लादेश को लेकर सामने आया है।
Gallup Pakistan की रिपोर्ट के मुताबिक—
47% बांग्लादेशियों ने भारत को दुश्मन बताया,
46% लोग पाकिस्तान को दोस्त मानते हैं,
54% लोगों ने भारत-पाक टकराव में पाकिस्तान का समर्थन किया,
यह आंकड़े इसलिए अहम हैं क्योंकि बांग्लादेश कभी भारत का करीबी सहयोगी माना जाता था। अब वहां चीन, सऊदी अरब और तुर्की को भारत से ज्यादा सकारात्मक नजर से देखा जा रहा है। यह बदलाव भारत की पूर्वी सीमा और क्षेत्रीय रणनीति के लिए एक नई चुनौती बनता जा रहा है।
पाकिस्तान: पुरानी दुश्मनी, नया रूप
भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव कोई नई बात नहीं है,
लेकिन 2025 में यह दुश्मनी सिर्फ सरकारों तक सीमित नहीं रह गई,
बल्कि आम जनता की सोच में भी गहराई तक उतरती दिख रही है।
कहां मजबूत है भारत की पकड़?
नकारात्मकता के बीच भारत के लिए अच्छी खबर भी है—
अफ्रीका में भारत की छवि मजबूत हुई है,
साउथ अफ्रीका में सकारात्मकता रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची,
फ्रांस और जर्मनी में भारत को लेकर समर्थन बढ़ा है,
कई देशों में युवा वर्ग भारत को बुजुर्गों से ज्यादा सकारात्मक नजर से देखता है|
असली सवाल: दुश्मन कौन या चुनौती क्या?
विदेश नीति विशेषज्ञ मानते हैं कि “भारत की असली ताकत किसी देश से टकराव में नहीं, बल्कि उसकी संतुलित विदेश नीति, रणनीतिक धैर्य और वैश्विक साझेदारी में है।”
2025 में भारत के सामने चुनौती सिर्फ पाकिस्तान तक सीमित नहीं रही।
तुर्की की बयानबाज़ी, बांग्लादेश में बदला जनमत और वैश्विक ध्रुवीकरण—
ये सभी मिलकर भारत के लिए नई कूटनीतिक परीक्षा बन रहे हैं।
2025 में भारत का सबसे बड़ा दुश्मन कोई एक देश नहीं, बल्कि बदलती वैश्विक राजनीति और क्षेत्रीय सोच है।
भारत के लिए भावनाओं से नहीं, बल्कि रणनीति, संवाद और संतुलन से आगे बढ़ना ही सबसे बड़ी जरूरत है।







