कोर्ट से राहत के बाद कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन: कांग्रेस का आरोप: जांच एजेंसियों का राजनीतिक दुरुपयोग

कांग्रेस का आरोप: जांच एजेंसियों का राजनीतिक दुरुपयोग

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नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी को अदालत से राहत मिलने के बाद भी कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन थमा नहीं है। बुधवार को कांग्रेस ने साफ संदेश दिया कि यह लड़ाई सिर्फ कोर्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतंत्र और विपक्ष की आवाज दबाने के खिलाफ एक व्यापक संघर्ष है। इसी संदेश के साथ संसद परिसर से लेकर देशभर की सड़कों तक कांग्रेस ने शक्ति प्रदर्शन किया।

संसद परिसर में जोरदार प्रदर्शन, सांसदों ने साधा केंद्र पर निशाना
बुधवार को संसद परिसर में कांग्रेस सांसदों ने बैनर और पोस्टर के साथ केंद्र सरकार और प्रवर्तन निदेशालय (ED) के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। सांसदों ने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्ष को डराने और दबाने के लिए किया जा रहा है।
कांग्रेस सांसदों का कहना था कि नेशनल हेराल्ड मामला कानून से ज्यादा राजनीति से प्रेरित है और इसका उद्देश्य विपक्षी नेताओं की छवि खराब करना है।

अहमदाबाद से लखनऊ तक सड़क पर उतरे कांग्रेस कार्यकर्ता
संसद के बाहर भी कांग्रेस का आंदोलन पूरे देश में दिखाई दिया। गुजरात के अहमदाबाद, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, चंडीगढ़, रायपुर और रांची समेत कई शहरों में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे।
अहमदाबाद में कांग्रेस ने पदयात्रा निकाली, जिसे पुलिस ने रोकने की कोशिश की। इस दौरान करीब 100 कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। इसके बावजूद कांग्रेस नेताओं ने सड़क पर बैठकर धरना दिया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

अहमदाबाद में धरना, दिग्गज नेताओं की मौजूदगी
अहमदाबाद में हुए प्रदर्शन में कांग्रेस विधायक इमरान खेड़ावाला, गुजरात कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमित चावड़ा, वरिष्ठ नेता लालजी देसाई और शाहनवाज हुसैन समेत कई नेता मौजूद रहे। नेताओं ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण पदयात्रा को रोका जाना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।

लखनऊ, चंडीगढ़ और रायपुर में ED के खिलाफ प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ED के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार पर राजनीतिक बदले की कार्रवाई का आरोप लगाया।
वहीं चंडीगढ़ में कांग्रेस नेताओं ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला और रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा के भीतर और बाहर विरोध दर्ज कराया गया।
रांची में भी कांग्रेस समर्थकों ने केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों के खिलाफ नारेबाजी की।

कांग्रेस का आरोप: जांच एजेंसियों का राजनीतिक दुरुपयोग
कांग्रेस का कहना है कि नेशनल हेराल्ड मामला पूरी तरह से राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है। पार्टी का आरोप है कि जब भी विपक्ष सरकार से सवाल पूछता है, तब केंद्रीय एजेंसियों को आगे कर दिया जाता है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अदालत से मिली राहत इस बात का प्रमाण है कि सच उनके साथ है।

अमित चावड़ा का बयान: “बीजेपी की बदनाम करने की कोशिश नाकाम”
गुजरात कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमित चावड़ा ने कहा, “बीजेपी द्वारा कांग्रेस को बदनाम करने की कोशिश पूरी तरह असफल रही है। कोर्ट का फैसला सत्य की जीत है। अब बीजेपी के पास कोई जवाब नहीं बचा है।” उन्होंने कहा कि जनता अब सच्चाई समझ रही है और इसी कारण कांग्रेस के आंदोलन को व्यापक समर्थन मिल रहा है।

लालजी देसाई बोले: “ED की सच्चाई सबके सामने आ चुकी है” कांग्रेस नेता लालजी देसाई ने भी केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, “सत्य अब सबके सामने आ चुका है। बीजेपी और ED की सच्चाई उजागर हो गई है। हमें पदयात्रा करने से रोका जा रहा है, लेकिन वह दिन भी आएगा जब ED के अधिकारियों को भी जवाब देना होगा।”

कांग्रेस का ऐलान: आंदोलन देशभर में रहेगा जारी
कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि कोर्ट से राहत मिलने के बावजूद पार्टी केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन जारी रखेगी। पार्टी का कहना है कि यह लड़ाई सिर्फ नेशनल हेराल्ड केस की नहीं, बल्कि लोकतंत्र, संविधान और विपक्ष की आवाज बचाने की है।
कांग्रेस नेतृत्व का दावा है कि आने वाले दिनों में यह आंदोलन और तेज होगा और देश के हर राज्य में जनता को केंद्र सरकार की “राजनीतिक बदले की नीति” से अवगत कराया जाएगा।

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