हाईवे पर चलते मोपेड में लगी भीषण आग: LPG सिलेंडर के साथ बड़ा हादसा टला
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उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के खेकड़ा नेशनल हाईवे पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक चलती हुई मोपेड में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते मोपेड आग के गोले में तब्दील हो गई और हाईवे पर गुजर रहे लोगों में दहशत फैल गई।
सबसे चिंताजनक बात यह रही कि मोपेड चालक अपने साथ एक LPG सिलेंडर भी ले जा रहा था। आग की लपटें जैसे-जैसे तेज होती गईं, खतरा और भी बढ़ता गया। यदि समय रहते आग पर काबू न पाया जाता, तो यह घटना एक बड़े विस्फोट का कारण बन सकती थी।
कौन था चालक?
जानकारी के अनुसार, दिल्ली के राम पार्क पीवी निवासी उमाशंकर अपनी TVS XL मोपेड से खेकड़ा पाठशाला के पास से गुजर रहे थे। उनके साथ एक खाली LPG सिलेंडर भी मौजूद था। अचानक मोपेड के अगले हिस्से से धुआं निकलने लगा। खतरे को भांपते हुए चालक ने तुरंत मोपेड से कूदकर अपनी जान बचाई।
कैसे फैली आग?
देखते ही देखते मोपेड में आग तेजी से फैल गई और पूरा वाहन आग की चपेट में आ गया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आग इंजन कंपार्टमेंट से शुरू होकर फ्यूल टैंक की ओर बढ़ रही थी।
स्थानीय लोगों ने ऐसे बचाई जान
मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए आसपास की दुकानों से पानी लाकर आग बुझाने की कोशिश की। किसी ने पेट्रोल नॉब बंद किया, किसी ने बाल्टी से पानी डाला, यहां तक कि एक बच्चे ने चप्पल से हवा कर आग बुझाने की कोशिश की
आखिरकार लोगों की तत्परता से आग पर काबू पा लिया गया और एक बड़ा हादसा टल गया।
आग लगने की संभावित वजह
हालांकि आग लगने के सही कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्रारंभिक जांच में निम्न संभावनाएं सामने आ रही हैं: शॉर्ट सर्किट, इंजन ओवरहीटिंग, ऑयल या फ्यूल लीकेज, गर्मियों के मौसम में इंजन का तापमान बढ़ने से इस तरह की घटनाएं ज्यादा देखने को मिलती हैं।
क्यों बढ़ रहा है ऐसा खतरा?
TVS XL जैसे मोपेड का इस्तेमाल भारी सामान ढोने के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में खूब होता है। लेकिन ओवरलोडिंग और सुरक्षा नियमों की अनदेखी ऐसे हादसों को जन्म दे सकती है।
सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां
इस घटना से सीख लेते हुए वाहन चालकों को इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:
लंबी यात्रा के दौरान बीच-बीच में ब्रेक लें,
इंजन के तापमान पर नजर रखें,
LPG सिलेंडर जैसे ज्वलनशील सामान लेकर यात्रा न करें,
वाहन में ऑयल या फ्यूल लीकेज की जांच करें,
वायरिंग सिस्टम को समय-समय पर चेक करें,
धुआं निकलते ही तुरंत वाहन रोककर दूरी बनाएं |
खेकड़ा हाईवे की यह घटना एक बड़ा सबक है कि छोटी सी लापरवाही कितनी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। स्थानीय लोगों की सतर्कता और साहस ने एक संभावित त्रासदी को टाल दिया।



