कम बोलो, ज़्यादा करो की संस्कृति तेज़ी से लोकप्रिय: कॉर्पोरेट दुनिया में नया ट्रेंड: ‘साइलेंट वर्क’ का उदय

कॉर्पोरेट जगत में बदलती कार्यशैली के बीच एक नया ट्रेंड तेजी से उभरकर सामने आ रहा है—‘Silent Work Culture’, जिसे आम भाषा में “कम बोलो, ज़्यादा करो” संस्कृति कहा जा रहा है। दुनिया भर में कंपनियाँ अब ऐसे कर्मचारियों को अधिक महत्व दे रही हैं जो शोर से दूर, कम बातचीत में, और शांत रहकर अधिक परिणाम देने की क्षमता रखते हैं।
साइलेंट वर्क कल्चर :
साइलेंट वर्क का मतलब है—बिना अनावश्यक बातों, मीटिंग्स और चर्चाओं के, चुपचाप अपने काम पर फोकस करना। यह ट्रेंड Quiet Quitting की तरह निष्क्रिय नहीं है, बल्कि इसका फोकस उत्पादकता बढ़ाने और समय बर्बाद होने से बचने पर है।
क्यों बढ़ रहा है ‘कम बोलो, ज़्यादा करो’ ट्रेंड?
कर्मचारियों में यह ट्रेंड कई कारणों से तेजी से फैला है:
लगातार मीटिंग्स से काम की गति धीमी पड़ना,
Chat/Email ओवरलोड,
परिणाम आधारित संस्कृति की ओर बदलाव,
दबाव कम करने और मानसिक शांति बनाए रखने की जरूरत,
विशेषकर युवा कर्मचारी कम बोलने और सीधे काम पर ध्यान केंद्रित करने को सफलता का सूत्र मान रहे हैं।






