महान दार्शनिक सुकरात और सफलता का सवाल: युवक की जिज्ञासा और नदी किनारे की परीक्षा

प्राचीन यूनान के महान दार्शनिक सुकरात अपनी बुद्धिमत्ता और सरल जीवन के लिए प्रसिद्ध थे। एक दिन एक युवक उनके पास आया। उसकी आँखों में उत्सुकता थी और मन में एक ही सवाल—
“गुरुदेव, मुझे बताइए सफलता का रहस्य क्या है?”
सुकरात ने युवक को ध्यान से देखा और मुस्कराकर बोले—
“अगर सच में सफलता का रहस्य जानना चाहते हो, तो कल सुबह नदी किनारे मुझसे मिलो।”
युवक बहुत खुश हुआ और अगले दिन समय से पहले ही नदी के किनारे पहुँच गया।
नदी किनारे की परीक्षा
सुकरात युवक को नदी के पास ले गए और कहा—
“पानी में उतर जाओ।”
युवक बिना कुछ पूछे पानी में उतर गया। अचानक सुकरात ने उसका सिर पकड़कर पानी के अंदर दबा दिया। युवक छटपटाने लगा, हाथ-पैर मारने लगा, लेकिन सुकरात ने कुछ क्षणों तक उसे ऊपर नहीं आने दिया।
कुछ देर बाद सुकरात ने उसे बाहर निकाला।
युवक हाँफ रहा था, साँस लेने के लिए तड़प रहा था।






