हृदयनाथ मंगेशकर का बड़ा ऐलान: लता-आशा की याद में बनेगा एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल

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प्रसिद्ध संगीतकार हृदयनाथ मंगेशकर ने अपनी महान बहनों लता मंगेशकर और आशा भोसले की याद में एक ऐतिहासिक पहल का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि मंगेशकर परिवार एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल बनाने की योजना पर काम कर रहा है, जो समाज सेवा और चिकित्सा के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित करेगा।
एशिया के सबसे बड़े अस्पताल की योजना
हृदयनाथ मंगेशकर के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए बड़ी जमीन खरीदी जा चुकी है। उनका लक्ष्य है कि यह अस्पताल न सिर्फ भारत बल्कि पूरे एशिया में स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र बने। उन्होंने कहा, “हम कोशिश कर रहे हैं कि यह एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल बने, बाकी सब भगवान पर है।”
क्या होगा अस्पताल का नाम?
मंगेशकर परिवार इस अस्पताल का नाम ‘लता-आशा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज’ या ‘लता-आशा मंगेशकर आयुर्विद्या संस्थान’ रखने पर विचार कर रहा है। यह नाम दोनों महान गायिकाओं के योगदान और विरासत को सम्मान देने के लिए चुना गया है।
अस्पताल के साथ बनेगा खास म्यूजियम
इस प्रोजेक्ट की खास बात यह है कि अस्पताल के साथ एक अत्याधुनिक म्यूजियम भी बनाया जाएगा। इसमें लता और आशा के संगीत सफर, उनके गाए अमर गीत, अवॉर्ड्स और यादगार पलों को प्रदर्शित किया जाएगा।
यह म्यूजियम इंटरैक्टिव होगा, जहां नई पीढ़ी संगीत को सीख और समझ सकेगी।
आशा भोसले के निधन से देश में शोक
हाल ही में आशा भोसले का 92 वर्ष की उम्र में मुंबई में निधन हो गया, जिससे पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया।
सितारों ने दी भावुक श्रद्धांजलि
अंतिम विदाई के दौरान कई बड़े सितारे मौजूद रहे, जिनमें आमिर खान, विक्की कौशल, तब्बू, विवेक ओबेरॉय, अनु मलिक, अनूप जलोटा और शान शामिल थे। सभी ने नम आंखों से इस महान गायिका को श्रद्धांजलि दी।
संगीत की विरासत को अमर बनाने की कोशिश
लता मंगेशकर और आशा भोसले ने अपने करियर में हजारों गानों के जरिए भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। अब मंगेशकर परिवार इस अस्पताल और म्यूजियम के माध्यम से उनकी विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।



