बैसाखी पर हरिद्वार में उमड़ा आस्था का सैलाब: लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई डुबकी
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बैसाखी के पावन पर्व पर हरिद्वार में श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत नज़ारा देखने को मिल रहा है। तड़के सुबह से ही देश के कोने-कोने से आए लाखों श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा नदी में स्नान कर पुण्य अर्जित किया। इस वर्ष विशेष योग के चलते भीड़ सामान्य से कहीं अधिक रही, जिससे पूरा शहर भक्ति और आस्था के रंग में रंगा नजर आया।
ब्रह्ममुहूर्त से घाटों पर उमड़ा जनसैलाब
सुबह 4 बजे से ही हर की पैड़ी, मालवीय घाट और सुभाष घाट पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। परिवारों के साथ पहुंचे श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाकर सुख-समृद्धि और शांति की कामना करते नजर आए। खासतौर पर पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचे।
प्रशासन की सख्त तैयारी और सुरक्षा इंतजाम
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने कुंभ मेले जैसी व्यवस्थाएं लागू की हैं। पूरे मेला क्षेत्र को अलग-अलग जोन और सेक्टर में बांटा गया है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी, शहर के प्रवेश द्वारों पर बैरिकेडिंग, मेडिकल टीम और एम्बुलेंस की तैनाती, नगर निगम द्वारा लगातार सफाई अभियान, प्रशासन द्वारा सोशल मीडिया के जरिए यात्रियों को रूट और पार्किंग की रियल-टाइम जानकारी भी दी जा रही है।
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
बैसाखी भारतीय संस्कृति में नई शुरुआत और फसल कटाई का प्रतीक मानी जाती है। ज्योतिषीय दृष्टि से इस दिन सूर्य के मेष राशि में प्रवेश को मेष संक्रांति कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान से पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
मिनी हरिद्वार जवाली और कालेश्वर मेले में भी भीड़
हिमाचल के जवाली स्थित मिनी हरिद्वार में भी हजारों श्रद्धालुओं ने स्नान कर पुण्य अर्जित किया। मेला कमेटी द्वारा महिलाओं के लिए विशेष स्नानागार और पार्किंग की व्यवस्था की गई। बच्चों और परिवारों ने मेले में झूले, मिठाइयों और खरीदारी का भरपूर आनंद लिया।
वहीं प्रसिद्ध कालेश्वर तीर्थ में राज्य स्तरीय बैसाखी मेले की शुरुआत हुई, जहां पहले ही दिन 40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने पंचतीर्थी सरोवर और ब्यास नदी में स्नान किया। इसके बाद भक्तों ने श्री कालीनाथ मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
यातायात व्यवस्था प्रभावित
भारी भीड़ के कारण कई क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था प्रभावित रही, जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि प्रशासन द्वारा स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास लगातार जारी हैं।
शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो रहा पर्व
प्रशासन की सतर्कता और श्रद्धालुओं के अनुशासित व्यवहार के चलते अब तक पूरा स्नान पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो रहा है। धार्मिक आस्था और प्रशासनिक व्यवस्था का यह संतुलन एक सफल आयोजन की मिसाल बनता दिख रहा है।


