पेट्रोल-डीजल फिर महंगा: 5 दिन में दूसरी बार बढ़े दाम

Riya Jain
19 घंटे पहलेAcchi khabar! Positive news bhi aati rehni chahiye.
Reyansh Joshi
21 घंटे पहलेYeh padh ke ankhe khul gayi, sabko dikhao.
Harsh Pandya
22 घंटे पहलेYeh khabar sabko share karni chahiye!
Taushif Shekh
22 घंटे पहलेIska aage kya hoga? Koi update milega kya?
देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। मंगलवार 19 मई से पेट्रोल-डीजल औसतन 90 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया है। इससे पहले 15 मई को तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में 3-3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। यानी सिर्फ पांच दिनों के भीतर ईंधन की कीमतों में दूसरी बार इजाफा हुआ है, जिससे आम जनता की चिंता और बढ़ गई है।
दिल्ली से मुंबई तक बढ़ीं नई कीमतें
नई कीमतें लागू होने के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 98.64 रुपये प्रति लीटर और डीजल 91.58 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं मुंबई में पेट्रोल 107.59 रुपये और डीजल 94.08 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। कोलकाता में पेट्रोल 109.70 रुपये और डीजल 96.07 रुपये प्रति लीटर हो गया है, जबकि चेन्नई में पेट्रोल 104.49 रुपये और डीजल 96.11 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है।
15 राज्यों में पेट्रोल 100 रुपये के पार
देश के 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर से ऊपर पहुंच चुकी है। वहीं 17 राज्यों में डीजल 90 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा बिक रहा है। लगातार बढ़ती कीमतों ने लोगों के घरेलू बजट पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है।
कई जिलों में तेल की किल्लत, सीमित बिक्री शुरू
ईंधन की बढ़ती कीमतों के साथ कई इलाकों में पेट्रोल-डीजल की किल्लत भी देखने को मिल रही है। उत्तर प्रदेश के महराजगंज में लोग पेट्रोल पंपों के बाहर रातभर इंतजार कर रहे हैं। कई लोग मच्छरदानी लगाकर पंप के बाहर सोते नजर आए। जिले के कई पेट्रोल पंपों पर सप्लाई प्रभावित बताई जा रही है।
वहीं बस्ती में बाइक चालकों को केवल 200 रुपये और कार चालकों को 1000 रुपये तक का ही तेल दिया जा रहा है। बिहार के जमुई में भी पेट्रोल की कैपिंग शुरू कर दी गई है, जहां सीमित मात्रा में ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों का असर
विशेषज्ञों का कहना है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल आ रहा है। इसी वजह से भारतीय तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ा है और नुकसान की भरपाई के लिए कीमतों में बढ़ोतरी की जा रही है।
क्या फिर लौट रहा है 2022 जैसा दौर?
लगातार बढ़ रही ईंधन कीमतों ने लोगों को साल 2022 की याद दिला दी है। उस समय रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान मार्च और अप्रैल में लगभग 15 दिनों तक लगातार पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाई गई थीं। अब एक बार फिर तेल कंपनियों द्वारा चरणबद्ध तरीके से कीमतें बढ़ाने की संभावना जताई जा रही है।
महंगाई पर पड़ेगा सीधा असर
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा। परिवहन खर्च बढ़ने से खाद्य पदार्थों, सब्जियों और जरूरी सामानों की कीमतों में भी इजाफा हो सकता है। इससे आने वाले दिनों में आम जनता को और अधिक महंगाई का सामना करना पड़ सकता है।



