Kangana Ranaut का बड़ा बयान: ‘मेरे सम्मान पर हमला हुआ’
Ravi sinha
0 सेकंड पहलेNishpaksh patrakarita ke liye dhanyawad.
Ananya Sharma
0 सेकंड पहलेItni important news, dosto ko zaroor bhejo.
Pranav Srivastava
0 सेकंड पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
भाजपा सांसद और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने अपने साथ हुए कथित अपमान को लेकर एक बड़ा और भावुक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जब वर्ष 2024 में उन्हें भारतीय जनता पार्टी से चुनावी टिकट मिला, तब उनकी एक तस्वीर का इस्तेमाल करते हुए विपक्ष के एक प्रवक्ता ने बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी में लिखा गया था – “मंडी में क्या भाव चल रहा है”, जिसे कंगना ने न केवल अपने खिलाफ बल्कि हर महिला के सम्मान पर हमला बताया।
महिला गरिमा पर उठाया बड़ा सवाल
कंगना रनौत ने कहा कि राजनीति में विचारों का विरोध किया जा सकता है, लेकिन किसी महिला की छवि, सम्मान और गरिमा को निशाना बनाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में महिलाओं को अक्सर इस तरह के अपमानजनक व्यवहार का सामना करना पड़ता है, जिसे अब समाज को गंभीरता से लेना चाहिए।
फिल्मी किरदारों को गलत संदर्भ में इस्तेमाल करने पर नाराजगी
कंगना ने कहा कि वह सिर्फ एक राजनेता नहीं, बल्कि एक कलाकार भी हैं। उन्होंने अपने करियर में कई चुनौतीपूर्ण किरदार निभाए हैं। चाहे रानी लक्ष्मीबाई जैसी वीरांगना का रोल हो, या फिर समाज के कठिन हालात से गुजरती महिला, ड्रग एडिक्ट, सेक्स वर्कर या एक मजबूत नेता का किरदार—उन्होंने हर भूमिका को पूरी निष्ठा से निभाया है।
उन्होंने कहा कि इन भूमिकाओं के लिए उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार और सम्मान मिल चुके हैं, लेकिन उनके फिल्मी किरदारों की तस्वीरों को गलत संदर्भ में इस्तेमाल कर उनका अपमान करना बेहद शर्मनाक है।
राजनीति और समाज में छिड़ी नई बहस
कंगना रनौत के इस बयान के बाद राजनीति और समाज दोनों में बहस तेज हो गई है। यह मामला अब सिर्फ व्यक्तिगत टिप्पणी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिलाओं के सम्मान, राजनीति में शब्दों की मर्यादा और सार्वजनिक जीवन में गरिमा जैसे गंभीर मुद्दों से जुड़ गया है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़
कंगना के बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। कई लोगों ने उनका समर्थन करते हुए राजनीति में महिलाओं के प्रति सम्मानजनक भाषा के इस्तेमाल की मांग की है, जबकि कुछ लोग इसे राजनीतिक विवाद का हिस्सा बता रहे हैं।




