AAP को बड़ा झटका: राघव चड्ढा समेत 3 राज्यसभा सांसद BJP में शामिल

राघव चड्ढा समेत 3 राज्यसभा सांसद BJP में शामिल
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Aarav Sharma

Aarav Sharma

0 सेकंड पहले

Hamara media aisa hi hona chahiye, sach aur saaf.

Payal jadon

Payal jadon

0 सेकंड पहले

Iska aage kya hoga? Koi update milega kya?

Trapti Tanwar

Trapti Tanwar

0 सेकंड पहले

Yeh sab dekh ke bahut dukh hota hai.

Diya Gupta

Diya Gupta

0 सेकंड पहले

Sarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!

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दिल्ली की राजनीति में शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026 को बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला, जब आम आदमी पार्टी के प्रमुख चेहरों में शामिल राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया। उनके साथ राज्यसभा सांसद संदीप पाठक और अशोक कुमार मित्तल ने भी AAP से दूरी बनाते हुए भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की घोषणा कर दी। इस घटनाक्रम ने राजधानी से लेकर राष्ट्रीय राजनीति तक हलचल पैदा कर दी है।

राघव चड्ढा ने लगाए गंभीर आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राघव चड्ढा ने कहा कि उन्होंने पार्टी की गतिविधियों से दूरी इसलिए बनाई क्योंकि वह कथित गलत कामों का हिस्सा नहीं बनना चाहते थे। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी को उन्होंने 15 वर्षों तक मेहनत और समर्पण से मजबूत किया, वही अब अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है। चड्ढा ने आरोप लगाया कि पार्टी अब देशहित के बजाय निजी स्वार्थों के लिए काम कर रही है।

BJP नेतृत्व की खुलकर की तारीफ
राघव चड्ढा ने भाजपा में शामिल होने की वजह बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार ने कई साहसिक फैसले लिए हैं, जिन्हें लेने से पहले कई नेता डरते थे। जनता ने इस नेतृत्व पर लगातार तीन बार भरोसा जताया है और अब वह भी उसी नेतृत्व में देश सेवा करना चाहते हैं।

2/3 सांसदों के समर्थन का दावा
राघव चड्ढा ने दावा किया कि राज्यसभा में AAP के कुल 10 सांसद हैं, जिनमें से दो-तिहाई से ज्यादा सांसद उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि आवश्यक दस्तावेज और हस्ताक्षरित पत्र राज्यसभा सभापति को सौंप दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजेंद्र गुप्ता और विक्रमजीत साहनी समेत कई सांसद इस फैसले का समर्थन कर रहे हैं।

राज्यसभा में AAP की घटेगी ताकत
यदि राघव चड्ढा के दावे सही साबित होते हैं, तो राज्यसभा में आम आदमी पार्टी की ताकत केवल 3 सांसदों तक सीमित रह जाएगी। इनमें संजय सिंह, नारायण दास गुप्ता और संत बलबीर सिंह के नाम बताए जा रहे हैं। इससे संसद के उच्च सदन में AAP की राजनीतिक पकड़ कमजोर पड़ सकती है।

संदीप पाठक का भावुक बयान
संदीप पाठक ने प्रेस वार्ता में कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा दिन आएगा, जब उन्हें पार्टी छोड़नी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि वह किसान परिवार से आते हैं और हमेशा देशहित में कुछ सार्थक करने की सोच रखते हैं। मौजूदा परिस्थितियों में उन्होंने AAP से सभी रिश्ते खत्म करने का फैसला लिया है।

दिल्ली और पंजाब राजनीति पर असर
इस बड़े घटनाक्रम का असर केवल दिल्ली ही नहीं बल्कि पंजाब की राजनीति पर भी पड़ सकता है, जहां AAP की सरकार है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के लगातार अलग होने से संगठनात्मक संकट गहराने की आशंका जताई जा रही है। विपक्ष भी इसे AAP के कमजोर होते जनाधार के रूप में देख रहा है।

आने वाले समय में और टूट की संभावना?
राघव चड्ढा के बयान के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या AAP में और बड़े नेता भी पार्टी छोड़ सकते हैं। यदि ऐसा होता है, तो आगामी चुनावों से पहले यह पार्टी के लिए सबसे बड़ा संकट साबित हो सकता है।

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Aarav Sharma

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Hamara media aisa hi hona chahiye, sach aur saaf.

Payal jadon

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Iska aage kya hoga? Koi update milega kya?

Trapti Tanwar

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Yeh sab dekh ke bahut dukh hota hai.

Diya Gupta

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Sarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!

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