अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस पर नर्सों का सम्मान: अस्पताल में नई सुविधाओं की घोषणा

अस्पताल में नई सुविधाओं की घोषणा
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अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस के अवसर पर वाराणसी के मंडलीय चिकित्सालय कबीरचौरा के सभागार में शुक्रवार को भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नर्सिंग स्टाफ की सेवा, समर्पण और मरीजों के प्रति उनकी निस्वार्थ भावना को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि नीलकंठ तिवारी ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की और नर्सों के योगदान को स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ बताया।

 

नीलकंठ तिवारी ने की अस्पताल में सुविधाएं बढ़ाने की घोषणा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नीलकंठ तिवारी ने कहा कि नर्सें दिन-रात मरीजों की सेवा में लगी रहती हैं और उनके बिना स्वास्थ्य व्यवस्था अधूरी है। उन्होंने अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों की सुविधा के लिए दो आरओ युक्त वाटर बूथ लगवाने की घोषणा की। इसके साथ ही बर्न वार्ड और कमरा नंबर पांच एवं छह में एयर कंडीशनर लगवाने का भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है।

 

नर्सिंग स्टाफ को शॉल और चॉकलेट देकर किया गया सम्मानित
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ने नर्सिंग ऑफिसर रीता सिंह, माधुरी राय, रमा कुमारी, वीनू सैनी, अफसाना खातून, सहायक नर्सिंग अधीक्षक कैलाश राम समेत सभी स्टाफ नर्सों को शॉल (दुपट्टा) और चॉकलेट देकर सम्मानित किया। सम्मान पाकर नर्सिंग स्टाफ के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी।

 

फ्लोरेंस नाइटिंगेल की सेवा भावना को अपनाने का संदेश
प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस आधुनिक नर्सिंग की जनक फ्लोरेंस नाइटिंगेल की स्मृति में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं बल्कि सेवा और समर्पण का प्रतीक है। मरीजों की देखभाल, दवाओं का सही समय पर प्रबंधन और डॉक्टरों के साथ समन्वय बनाए रखने में नर्सों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है।

 

‘हमारी नर्सें, हमारा भविष्य’ थीम पर हुई चर्चा
कार्यक्रम के दौरान इस वर्ष की थीम ‘हमारी नर्सें, हमारा भविष्य’ पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए नर्सिंग स्टाफ का सशक्त और सुरक्षित होना बेहद जरूरी है। कार्यक्रम में डॉ. एसपी सिंह, डॉ. अभिषेक राय, डॉ. मृदुला मलिक सहित कई चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।

 

जगदलपुर में भी धूमधाम से मनाया गया अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस : फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती पर स्टाफ नर्सों ने काटा केक
छत्तीसगढ़ के जगदलपुर स्थित डिमरापाल मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में भी अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। स्टाफ नर्सों ने फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती पर केक काटकर मरीजों की निस्वार्थ सेवा का संकल्प लिया। कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज, हॉस्पिटल, सीएससी और पीएचसी की नर्सों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

 

क्यों मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस?
हर वर्ष 12 मई को दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जाता है। यह दिन आधुनिक नर्सिंग की जनक फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती के अवसर पर समर्पित होता है। पहली बार वर्ष 1974 में इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ नर्सेस ने इसे मनाने की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में नर्सों के योगदान को सम्मान देना है।

 

‘लेडी विद लैंप’ के नाम से मशहूर थीं फ्लोरेंस नाइटिंगेल
फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जन्म 12 मई 1820 को इटली में हुआ था। उन्होंने समृद्ध परिवार से होने के बावजूद लोगों की सेवा के लिए नर्सिंग को चुना। वर्ष 1854 के क्रीमिया युद्ध में उन्होंने घायलों की दिन-रात सेवा की। रात में हाथ में लैंप लेकर मरीजों की देखभाल करने के कारण उन्हें ‘लेडी विद लैंप’ कहा जाने लगा। उनका समर्पण आज भी दुनिया भर की नर्सों के लिए प्रेरणा बना हुआ है।

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