MGNREGA पर संकट? : प्रियंका गांधी और राहुल गांधी का मोदी सरकार पर तीखा हमला

Comments
संसद में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) को बदलने के लिए लाए गए नए ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल, 2025’ यानी VB–G RAM G बिल पर सियासी घमासान तेज हो गया है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और विपक्ष के बीच इस बिल को लेकर तीखी बहस देखने को मिली।
लोकसभा में बहस के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कड़े शब्दों में इस बिल का विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह नया कानून ग्रामीण गरीबों के रोजगार के कानूनी अधिकार को कमजोर करता है। प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि VB–G RAM G बिल के ज़रिए केंद्र सरकार राज्यों के अधिकारों में दखल बढ़ाना चाहती है, जिससे संघीय ढांचे और पंचायती राज व्यवस्था की मूल भावना को ठेस पहुंचेगी।
प्रियंका गांधी ने यह भी कहा कि इस बिल से राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाला जाएगा, जबकि पहले से ही कई राज्य आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश में बेरोजगारी बढ़ रही है, तब सरकार गरीबों के लिए सुरक्षित रोजगार व्यवस्था को कमजोर क्यों कर रही है।
वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मनरेगा की जगह लाया गया VB–G RAM G बिल महात्मा गांधी के आदर्शों का अपमान है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यह बिल मनरेगा को खत्म करने की साजिश का हिस्सा है।
राहुल गांधी ने कहा,
“पहले बेरोजगारी बढ़ाई गई और अब ग्रामीण गरीबों की सुरक्षित आजीविका भी छीनी जा रही है। यह बापू के नाम पर चल रही योजना को खत्म करने की साजिश है।”
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि मनरेगा जैसे अधिकार आधारित कानून को कमजोर किया गया, तो इसका सीधा असर देश के करोड़ों ग्रामीण परिवारों पर पड़ेगा।
सरकार की ओर से हालांकि यह दावा किया गया है कि VB–G RAM G बिल का उद्देश्य रोजगार व्यवस्था को अधिक प्रभावी और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य के अनुरूप बनाना है। लेकिन विपक्ष का कहना है कि यह कदम सामाजिक सुरक्षा को खत्म करने और केंद्र के नियंत्रण को बढ़ाने की कोशिश है।
कुल मिलाकर, ग्रामीण रोजगार को लेकर संसद में पेश किया गया यह नया बिल अब केवल एक नीति प्रस्ताव नहीं, बल्कि देश की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन चुका है। आने वाले दिनों में इस पर बहस और तेज होने की संभावना है।







