डीयू में ‘समता उत्सव’ के दौरान हबीब पर पानी फेंका: “ब्राह्मणवाद जिंदाबाद” नारे के बीच दो छात्र गुट आमने-सामने

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12 फरवरी को Delhi University के कला संकाय के बाहर आयोजित कार्यक्रम के दौरान 73 वर्षीय इतिहासकार Irfan Habib पर पानी की बाल्टी फेंके जाने और कुछ ही मिनट बाद ईंटबाजी की घटना ने परिसर का माहौल गरमा दिया।
हबीब, अखिल भारतीय छात्र संघ (AISA) द्वारा आयोजित “जन साहित्य महोत्सव – समता उत्सव” में बोल रहे थे। यह आयोजन 12 से 14 फरवरी तक चले Delhi University Literature Festival (DULF) के विरोध में किया गया था, जिसका थीम था — ‘राष्ट्र पहले: विविधता में एकता’।

DULF में दिग्गज हस्तियां, वैचारिक सत्रों पर बहस
DULF में कई चर्चित हस्तियां शामिल हुईं, जिनमें टीवी एंकर Anjana Om Kashyap, Rubika Liyaquat, Anand Narasimhan और Smita Prakash प्रमुख रहीं।
राजनीतिक और सांस्कृतिक हस्तियों में Ram Madhav, Sudhanshu Trivedi, फिल्म निर्देशक Vivek Agnihotri, Piyush Mishra और Pankaj Tripathi शामिल थे।
कार्यक्रम के सत्रों में “वैदिक ज्ञान की वैश्विक प्रासंगिकता” और “वंदे मातरम: राष्ट्र की आत्मा के 150 वर्ष” जैसे विषयों ने वैचारिक बहस को और तीखा किया।

AISA का ‘समता उत्सव’ और हमले के आरोप
AISA ने DULF को “प्रतिगामी प्रचार” करार देते हुए समानांतर “जन साहित्य महोत्सव – समता उत्सव” आयोजित किया। इस कार्यक्रम में प्रोफेसर इरफान हबीब ने “भारत के अतीत को पुनर्लिखित करने के प्रयास” पर चिंता जताई, जबकि अन्य वक्ताओं ने दलित आवाजों और जातिगत हिंसा पर कविताएं और भाषण दिए।
घटना के बाद छात्रों ने नारेबाजी करते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की। AISA ने आरोप लगाया कि ईंट फेंकने वालों में ABVP से जुड़े छात्र शामिल थे, हालांकि Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad (ABVP) ने इन आरोपों से इनकार किया।

“ब्राह्मणवाद जिंदाबाद” नारे और पुलिस स्टेशन घेराव
13 फरवरी को तनाव और बढ़ गया। वायरल वीडियो में यूट्यूबर Megha Lavaria को मॉरिस नगर पुलिस स्टेशन के बाहर “ब्राह्मणवाद जिंदाबाद” के नारे लगाते देखा गया।
AISA ने आरोप लगाया कि उनकी छात्र नेता अंजली पर यूट्यूबर Ruchi Tiwari ने हमला किया, जबकि रुचि तिवारी ने खुद को पीड़ित बताया। मामले में दोनों पक्षों ने पुलिस में शिकायत दी है। मॉरिस नगर के एसएचओ के अनुसार, “दोनों पक्षों से शिकायतें मिली हैं, जांच जारी है, अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।”

इरफान हबीब का बयान
इरफान हबीब ने कहा, “असहमति का जवाब गुंडागर्दी से नहीं दिया जाना चाहिए। विश्वविद्यालय परिसर विविध विचारों की अभिव्यक्ति के लिए बने हैं। संवाद के माध्यम से ही मतभेद सुलझाए जाने चाहिए।” उन्होंने इसे देशभर में बढ़ते वैचारिक ध्रुवीकरण से जोड़ा।

प्रशासन का रुख
डीयू प्रशासन ने परिसर में किसी हमले की आधिकारिक शिकायत मिलने से इनकार किया है, जबकि छात्र संगठनों ने इसे “लालफीताशाही” बताया है। ABVP नेताओं का कहना है कि उनका इस झड़प से कोई संबंध नहीं है और वे हिंसा की निंदा करते हैं।

दिल्ली विश्वविद्यालय में दो समानांतर साहित्यिक आयोजनों ने वैचारिक मतभेद को खुली टकराहट में बदल दिया। पानी फेंकने, ईंटबाजी, नारेबाजी और पुलिस स्टेशन के बाहर भीड़ ने परिसर की शांति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें पुलिस जांच और विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।

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