मैरिज रजिस्ट्रेशन एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव: नया नियम बना राष्ट्रीय बहस का कारण

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नया नियम बना राष्ट्रीय बहस का कारण

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Gujarat में विवाह पंजीकरण को लेकर बड़ा बदलाव प्रस्तावित किया गया है। राज्य सरकार ने Gujarat Registration of Marriages Act, 2006 में संशोधन का प्रस्ताव पेश किया है, जिसके तहत अब शादी के रजिस्ट्रेशन से पहले माता-पिता की सहमति और सूचना देना अनिवार्य होगा।
सरकार इसे महिलाओं की सुरक्षा और कथित ‘लव जिहाद’ जैसे मामलों की रोकथाम के लिए जरूरी कदम बता रही है, जबकि आलोचक इसे वयस्कों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और निजता के अधिकार पर सीधा प्रहार मान रहे हैं।

क्या हैं प्रस्तावित नए नियम?
प्रस्तावित संशोधनों के अनुसार:
शादी के रजिस्ट्रेशन के लिए माता-पिता का विवरण देना अनिवार्य होगा।
आवेदन को नोटराइज्ड कराना होगा।
आधार कार्ड, फोटो और माता-पिता की जानकारी संलग्न करनी होगी।
रजिस्ट्रेशन के 10 कार्यदिवस के भीतर माता-पिता को व्हाट्सएप या अन्य माध्यम से सूचना भेजी जाएगी।
मैरिज सर्टिफिकेट जारी होने से पहले 30 दिन का वेटिंग पीरियड होगा।
पूरी प्रक्रिया को एक केंद्रीकृत ऑनलाइन पोर्टल पर स्थानांतरित किया जाएगा।
यह बदलाव नियम 44 में संशोधन के जरिए लागू करने की तैयारी है और सरकार ने इस पर 30 दिनों के भीतर आपत्तियां व सुझाव मांगे हैं।

सरकार का पक्ष: महिलाओं की सुरक्षा और पारदर्शिता
उपमुख्यमंत्री Harsh Sanghavi ने विधानसभा में इसे महिलाओं की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बताया। उन्होंने कहा कि सरकार को प्रेम विवाह से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन पहचान छिपाकर धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सांघवी ने कुछ गांवों का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां मुस्लिम परिवार नहीं हैं, वहां से निकाहनामा जारी हुए हैं, जिससे मौजूदा व्यवस्था के दुरुपयोग की आशंका बढ़ती है। उनका तर्क है कि यह कदम सांस्कृतिक सुरक्षा और सामाजिक पारदर्शिता के लिए जरूरी है।

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