ईरान में फंसे कश्मीरी छात्रों से संपर्क टूटा: सरकार से सुरक्षित निकासी की मांग

कश्मीर घाटी के उन परिवारों में गहरी चिंता का माहौल है, जिनके बच्चे ईरान में मेडिकल शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। ईरान में जारी अशांति, हिंसक घटनाओं और संचार व्यवस्था के लगातार बाधित रहने के कारण अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर बेहद परेशान हैं। कई परिवारों ने बताया कि वे पिछले कई दिनों से अपने बच्चों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं, जिससे अनिश्चितता और डर और बढ़ गया है।
श्रीनगर की एक महिला अभिभावक ने बताया कि उनकी बेटी तेहरान के एक मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रही है, लेकिन कई दिनों से न फोन लग रहा है और न ही इंटरनेट के जरिए कोई जानकारी मिल पा रही है। वहीं, बारामूला के एक अभिभावक ने कहा कि ईरान के सीमावर्ती इलाके में स्थित मेडिकल विश्वविद्यालय में पढ़ रहे उनके बेटे से दो दिनों से ज्यादा समय से कोई संपर्क नहीं हो सका है।
अशांति और हिंसा की खबरों ने बढ़ाई चिंता
अभिभावकों का कहना है कि जब कभी-कभार संपर्क होता भी है, तो छात्रों से केवल झड़पों, हिंसा और अस्थिर हालात की ही जानकारी मिलती है। जम्मू-कश्मीर छात्र एसोसिएशन (JKSA) के अनुसार, इस समय ईरान के विभिन्न प्रांतों में स्थित मेडिकल विश्वविद्यालयों में करीब 2,000 कश्मीरी छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि कुल भारतीय छात्रों की संख्या लगभग 3,000 बताई जा रही है।







