चलती ट्रेन में शर्मनाक वारदात: NCC कैडेट से TTE ने किया दुष्कर्म

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अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस में एक बेहद शर्मनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मऊ से गोरखपुर जा रही एक युवती के साथ चलती ट्रेन में ही दुष्कर्म किया गया। आरोप ट्रेन के TTE राहुल कुमार पर है। पीड़िता NCC ‘C’ सर्टिफिकेट परीक्षा देकर लौट रही थी और भीड़ के कारण टिकट नहीं ले सकी थी।
सीट दिलाने के बहाने केबिन में ले गया आरोपी
पीड़िता के अनुसार, ट्रेन में चढ़ने के बाद वह AC कोच में खड़ी थी। इसी दौरान TTE राहुल कुमार ने उससे टिकट के बारे में पूछताछ की। जब उसने सीट की बात कही, तो आरोपी उसे AC फर्स्ट क्लास के एक केबिन में ले गया।
देवरिया के आसपास उसने केबिन को अंदर से बंद कर दिया और युवती के साथ जबरन दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसे धमकाया गया कि बिना टिकट यात्रा के केस में फंसा दिया जाएगा।
पुलिस का बयान और कार्रवाई
इस मामले में लक्ष्मी निवास मिश्र (एसपी जीआरपी) ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है और मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की हैं, जिनमें STF और SOG भी शामिल हैं।
एक महीने बाद भी गिरफ्तारी नहीं, उठ रहे सवाल
घटना 15 फरवरी की बताई जा रही है, लेकिन एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी का मोबाइल बंद है और वह बिहार या नेपाल में छिपा हो सकता है।
बिहार कनेक्शन और जेल में छिपने की साजिश
जांच में सामने आया कि आरोपी पटना जिले के बिहटा क्षेत्र का निवासी है। चौंकाने वाली बात यह है कि वह बिहार की बेउर जेल में शराब तस्करी के एक मामले में बंद मिला है। सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने यूपी पुलिस से बचने के लिए जानबूझकर खुद को जेल भिजवाया हो सकता है।
परिवार पर भी कार्रवाई
आरोपी को संरक्षण देने के आरोप में उसके भाई गणेश कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस अब आरोपी को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है।
कानूनी प्रक्रिया तेज
अभिषेक पांडेय (जीआरपी थानाध्यक्ष) ने बताया कि आरोपी के खिलाफ वारंट जारी कराने सहित सभी कानूनी प्रक्रियाएं तेज कर दी गई हैं।
सवाल जो उठ रहे हैं
क्या ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा पर्याप्त है?
बिना टिकट यात्रियों के साथ इस तरह का व्यवहार क्यों?
एक महीने बाद भी आरोपी गिरफ्त से बाहर क्यों?
यह घटना न सिर्फ रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करती है। अब देखना होगा कि पुलिस आरोपी को कब तक गिरफ्तार कर पाती है और पीड़िता को न्याय मिल पाता है या नहीं।








