देवरिया में गैस संकट से हाहाकार: भाटपार रानी में सुबह 3 बजे से लाइन में खड़े लोग

भाटपार रानी में सुबह 3 बजे से लाइन में खड़े लोग

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उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भाटपार रानी नगर से सामने आई तस्वीरें आम लोगों की भारी परेशानी को उजागर कर रही हैं। यहां भारत गैस एजेंसी के बाहर गैस सिलेंडर लेने के लिए लोगों की लंबी कतारें लगी हुई हैं।

कई लोग घंटों से लाइन में खड़े हैं, तो कुछ लोग सिलेंडर लेकर सड़क किनारे बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में रसोई गैस की भारी किल्लत हो गई है, जिसकी वजह से आम उपभोक्ताओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

सुबह 5 बजे से लगी कतारें, महिलाओं और बुजुर्गों की भीड़

भाटपार रानी के छोटका गांव स्थित रमेश भारत गैस गोदाम पर शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे से ही गैस उपभोक्ताओं की लंबी लाइनें लगनी शुरू हो गई थीं।

इन कतारों में युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी शामिल थे। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि वे कई घंटों से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन फिर भी उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है।

एक उपभोक्ता विकास ने बताया: “मैं सुबह 8:30 बजे से बिना कुछ खाए-पिए लाइन में लगा हूं, लेकिन अभी तक गैस नहीं मिली है।”

कालाबाजारी के आरोप, दो दिनों से बंद होम डिलीवरी

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि इलाके में गैस की कालाबाजारी हो रही है। उनका कहना है कि पिछले दो-तीन दिनों से होम डिलीवरी भी बंद है।

उपभोक्ताओं का कहना है कि कई बार गैस की गाड़ियां आने की सूचना मिलती है, लेकिन उनमें सिलेंडर नहीं होता।

हालांकि रमेश गैस एजेंसी के मालिक धनेश यादव ने गैस की किल्लत से इनकार करते हुए कहा: “एक ही दिन इतने सारे लोग आ जाएंगे तो गैस कहां से देंगे? लोग यहां न आएं, गैस उनके घर पहुंच जाएगी।”

 

 

आशा गैस सर्विस पर नई पर्ची व्यवस्था से बढ़ी परेशानी

देवरिया जिला मुख्यालय स्थित शुगर मिल के पास आशा गैस सर्विस पर भी उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यहां सिलेंडर लेने से पहले उपभोक्ताओं को कार्यालय से पर्ची लेना अनिवार्य कर दिया गया।

इस नई व्यवस्था के कारण लोगों को दो-दो जगह लाइन लगानी पड़ी — पहले कार्यालय में पर्ची लेने के लिए, फिर गोदाम पर सिलेंडर के लिए, कार्यालय सुबह करीब 10 बजे खुला, जिससे लोग तपती धूप में घंटों इंतजार करने को मजबूर हो गए।

सुबह 3:30 बजे से लाइन में लगे लोग

देवरिया खास के सुनील कुशवाहा ने बताया कि वे सुबह करीब 3:30 बजे से लाइन में लगे हुए थे। उन्हें बाद में बताया गया कि पहले पर्ची कटवानी होगी। इसके बाद वे कार्यालय पहुंचे, जहां पर्ची के लिए भी लंबी लाइन लगी थी।

वहीं देवेश मल्ल नामक उपभोक्ता ने बताया: “भोर में करीब तीन बजे से लाइन में लगा हूं। बीच में घर जाकर नहाकर आया और फिर वापस लाइन में खड़ा हो गया। अब देखना है गैस कब मिलती है।”

हंगामे की सूचना पर पहुंची डायल 112 पुलिस

लंबे इंतजार और नई व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ने लगी। कुछ लोगों ने विरोध भी जताया, जिसके बाद मौके पर डायल 112 पुलिस टीम पहुंची। पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और उन्हें व्यवस्थित तरीके से लाइन में खड़ा किया। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में गैस सिलेंडर का वितरण दोबारा शुरू किया गया।

ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था बहाल करने की मांग

उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले ऑनलाइन बुकिंग दिखाने पर ही गैस सिलेंडर मिल जाता था, लेकिन नई पर्ची व्यवस्था से अनावश्यक परेशानी बढ़ गई है।

लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऑनलाइन बुकिंग के आधार पर ही सिलेंडर वितरण किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को घंटों लाइन में खड़ा न रहना पड़े।

रसोई तक पहुंचा गैस संकट

देवरिया और भाटपार रानी में गैस की कमी का असर अब सीधे घरों की रसोई तक पहुंच चुका है। यदि जल्द ही गैस आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।

 

 

 

 

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