Washington DC में ‘Titanic Pose’ वाला स्टैच्यू: ‘King of the World’ पोज में खड़े नजर आए ट्रंप और जेफ्री एपस्टीन

‘King of the World’ पोज में खड़े नजर आए ट्रंप और जेफ्री एपस्टीन

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अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में हाल ही में एक अनोखी और विवादित कलाकृति ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। शहर के प्रतिष्ठित सार्वजनिक स्थल नेशनल मॉल पर अचानक एक 12 फीट ऊंचा स्टैच्यू दिखाई दिया, जिसमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और दिवंगत फाइनेंसर व यौन अपराध के आरोपी जेफ्री एपस्टीन जैसी आकृतियों को मशहूर फिल्म टाइटैनिक के आइकॉनिक “किंग ऑफ द वर्ल्ड” पोज में दिखाया गया है।
इस स्टैच्यू का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे लेकर अमेरिका में राजनीति, कला और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर नई बहस शुरू हो गई है।

नेशनल मॉल पर अचानक दिखा 12 फीट ऊंचा स्टैच्यू
रिपोर्ट्स के मुताबिक 10 मार्च को वॉशिंगटन डीसी के नेशनल मॉल पर अचानक यह 12 फीट ऊंची सुनहरे रंग की मूर्ति दिखाई दी। मूर्ति में एक नकली जहाज के अगले हिस्से पर दो आकृतियां खड़ी दिखाई देती हैं। आगे खड़ा किरदार जेफ्री एपस्टीन जैसा दिखता है जबकि पीछे डोनाल्ड ट्रंप की आकृति हाथ फैलाए खड़ी है। दोनों का चेहरा वॉशिंगटन स्मारक की दिशा में है। मूर्ति के आधार पर “King of the World” लिखा गया है, जो फिल्म टाइटैनिक के मशहूर डायलॉग की ओर इशारा करता है।

टाइटैनिक फिल्म के आइकॉनिक सीन से प्रेरित
यह स्टैच्यू 1997 की हॉलीवुड फिल्म टाइटैनिक के उस प्रसिद्ध दृश्य से प्रेरित है जिसमें जहाज के आगे वाले हिस्से पर जैक और रोज हाथ फैलाकर खड़े होते हैं।
उस सीन में अभिनेता लियोनार्डो डिकैप्रियो का किरदार जैक कहता है – “I’m the King of the World।”
उसी पोज को इस स्टैच्यू में व्यंग्यात्मक अंदाज में दोबारा बनाया गया है, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

व्यंग्यात्मक संदेश वाली पट्टिका
स्टैच्यू के नीचे लगी पट्टिका में एक व्यंग्यात्मक संदेश लिखा गया है। इसमें दोनों के रिश्ते को एक “दुखद प्रेम कहानी” बताया गया है, जो कथित तौर पर “शानदार यात्राओं, शोरगुल भरी पार्टियों और गुप्त नग्न रेखाचित्रों” पर आधारित बताई गई है।
मूर्ति के आसपास कुछ बैनर भी लगाए गए हैं जिन पर दोनों की तस्वीरों के साथ “Make America Safe Again” जैसे नारे लिखे गए हैं।

गुमनाम कलाकार समूह ने लगाया स्टैच्यू
जानकारी के मुताबिक यह कलाकृति “The Secret Handshake” नाम के एक गुमनाम कलाकार समूह ने स्थापित की है। यह समूह पहले भी नेशनल मॉल पर इस तरह की व्यंग्यात्मक कलाकृतियां लगा चुका है।
पहले भी लग चुकी हैं ऐसी मूर्तियां : 2025 में “Best Friends Forever” नाम की मूर्ति लगाई गई थी, उसमें ट्रंप और एपस्टीन को हाथ पकड़कर खड़े दिखाया गया था, एक अन्य इंस्टॉलेशन में ट्रंप के कथित जन्मदिन संदेश की बड़ी प्रतिकृति भी लगाई गई थी, इन कलाकृतियों को आमतौर पर फोम, लकड़ी, राल और तार से बनाया जाता है और कांस्य जैसा दिखाने के लिए रंगा जाता है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
इस विवादित स्टैच्यू का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है। कुछ लोग इसे राजनीतिक व्यंग्य और कलात्मक अभिव्यक्ति का उदाहरण बता रहे हैं, जबकि कई लोगों ने इसे आपत्तिजनक और भड़काऊ बताया है। वीडियो में एक व्यक्ति यह कहते हुए भी सुना गया कि जब भी नेशनल मॉल पर ऐसी कोई कला दिखाई देती है, वह उसे देखने के लिए जरूर आता है।

ट्रंप-एपस्टीन संबंधों को लेकर फिर चर्चा
इस स्टैच्यू के सामने आने का समय भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हाल के दिनों में डोनाल्ड ट्रंप के दिवंगत फाइनेंसर जेफ्री एपस्टीन के साथ पुराने सामाजिक संबंधों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हुई है।
हालांकि ट्रंप पहले कह चुके हैं कि उन्होंने वर्षों पहले ही एपस्टीन से दूरी बना ली थी और उसे अपने क्लब से प्रतिबंधित कर दिया था।

जेफ्री एपस्टीन कौन था?
जेफ्री एपस्टीन अमेरिका का एक फाइनेंसर था जिस पर नाबालिग लड़कियों की सेक्स ट्रैफिकिंग और यौन शोषण का बड़ा नेटवर्क चलाने के आरोप लगे थे। 2019 में उसे गिरफ्तार किया गया था, उसी साल न्यूयॉर्क की जेल में उसकी मौत हो गई, उसके केस से जुड़े दस्तावेजों में कई प्रभावशाली लोगों के नाम चर्चा में आए थे,
हालांकि कई नाम केवल संपर्क या सामाजिक संबंधों के संदर्भ में सामने आए थे और उन पर कोई अपराध सिद्ध नहीं हुआ।

व्हाइट हाउस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं
इस विवादित स्टैच्यू को लेकर अभी तक व्हाइट हाउस या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अक्सर इस तरह की अस्थायी कलाकृतियों को नेशनल पार्क सर्विस कुछ दिनों बाद हटा देती है।

वॉशिंगटन डीसी में लगा यह व्यंग्यात्मक स्टैच्यू एक बार फिर दिखाता है कि कला किस तरह राजनीति, इतिहास और सामाजिक मुद्दों पर बहस को जन्म दे सकती है। जहां कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उदाहरण मान रहे हैं, वहीं कई लोग इसे विवादित और अनुचित बता रहे हैं।
फिलहाल यह कलाकृति सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चर्चा का बड़ा विषय बन चुकी है।

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