पश्चिम बंगाल में EVM विवाद के बाद बड़ा फैसला: 15 बूथों पर पुनर्मतदान का आदेश

Ishaan Tiwari
0 सेकंड पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के दौरान ईवीएम में कथित गड़बड़ी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कई मतदान केंद्रों से गड़बड़ी की शिकायतें सामने आने के बाद राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए। खासकर टीएमसी और बीजेपी के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली। इस पूरे मामले ने चुनावी माहौल को और अधिक गर्म कर दिया है।
15 बूथों पर पुनर्मतदान का आदेश
निर्वाचन आयोग ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए दक्षिण 24 परगना जिले के मगराहाट पश्चिम और डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्रों के कुल 15 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराने का आदेश जारी किया है। इनमें से 11 बूथ मगराहाट पश्चिम और 4 बूथ डायमंड हार्बर में स्थित हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि जहां भी अनियमितता साबित होगी, वहां दोबारा मतदान कराया जाएगा।
2 मई को सुबह 7 बजे से शुरू हुई वोटिंग
निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 2 मई को इन सभी मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक पुनर्मतदान कराया जा रहा है। सुबह 11 बजे तक कुल 37.06% मतदान दर्ज किया गया। मगराहाट पश्चिम में 38.2% और डायमंड हार्बर में 35.92% वोटिंग दर्ज की गई।
बीजेपी ने लगाए गंभीर आरोप
बीजेपी ने आरोप लगाया है कि कुछ बूथों पर ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की गई। आरोपों के मुताबिक, कमल के निशान वाले बटन को टेप से ढकने की कोशिश की गई ताकि मतदाता भ्रमित हो जाएं। इस संबंध में फोटो और वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं, जिससे विवाद और बढ़ गया है।
चुनाव आयोग की सख्ती और कानूनी प्रावधान
निर्वाचन आयोग ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 58(2) के तहत कार्रवाई करते हुए इन बूथों पर मतदान रद्द कर पुनर्मतदान का निर्णय लिया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
हिंसा और गड़बड़ी के बीच हुआ मतदान
29 अप्रैल को हुए दूसरे चरण के मतदान के दौरान कई जगहों पर हिंसा और तनाव की खबरें सामने आई थीं। कुछ बूथों पर कैमरे बंद होने और ईवीएम पर टेप लगे होने जैसी शिकायतें भी सामने आईं। हालांकि, शुरुआती जांच में कई मामलों में मतदान से पहले किसी गड़बड़ी के संकेत नहीं मिले, जिससे शक है कि छेड़छाड़ मतदान के दौरान हुई।
मतदाताओं की मिली-जुली प्रतिक्रिया
कुछ मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं, जबकि कई लोगों ने पुनर्मतदान को लेकर अनभिज्ञता जताई। वहीं, स्थानीय लोगों ने सड़क, पानी और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर नाराजगी भी व्यक्त की।
बंगाल में रिकॉर्ड मतदान, अब नतीजों का इंतजार
पश्चिम बंगाल में कुल 294 सीटों पर दो चरणों में मतदान संपन्न हुआ। 23 अप्रैल को 152 सीटों पर और 29 अप्रैल को 142 सीटों पर वोटिंग हुई। इस बार राज्य में कुल 92.93% मतदान दर्ज किया गया, जो अब तक का एक रिकॉर्ड माना जा रहा है। चुनाव परिणाम 3 मई को घोषित किए जाएंगे।
संभावना: और बूथों पर भी हो सकता है पुनर्मतदान
सूत्रों के अनुसार, फलता विधानसभा क्षेत्र के करीब 30 और बूथों पर भी पुनर्मतदान हो सकता है। इस पर अंतिम निर्णय निर्वाचन आयोग की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में EVM विवाद ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, चुनाव आयोग की त्वरित कार्रवाई से यह साफ है कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। अब सभी की नजरें 3 मई को आने वाले चुनाव परिणामों पर टिकी हैं।





