कटनी में मानवता शर्मसार: घायल मरीज के परिजनों से एम्बुलेंस साफ कराने का आरोप
Ayaan Khan
0 सेकंड पहलेCommunity ko mil ke aage aana hoga is mudde par.
Priya Iyer
0 सेकंड पहलेJab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.
मध्य प्रदेश के कटनी जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने इंसानियत और स्वास्थ्य व्यवस्था दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में कथित तौर पर यह दिखाया गया कि सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति के परिजनों को उसे दूसरे अस्पताल ले जाने से पहले एम्बुलेंस साफ करने के लिए मजबूर किया गया।
बताया जा रहा है कि 32 वर्षीय राहुल बर्मन, जो करेला गांव के पास एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे, उन्हें तुरंत कटनी जिला अस्पताल लाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जबलपुर रेफर कर दिया।
एम्बुलेंस में जाने से पहले ‘शर्त’?
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि जब मरीज को रेफर किया जा रहा था, उसी दौरान एक महिला परिजन को खून से सनी एम्बुलेंस को साफ करते हुए देखा गया। वीडियो में यह भी नजर आता है कि एक कर्मचारी वहीं खड़ा है, लेकिन मदद करने के बजाय महिला को ही सफाई करने दी जा रही है।
इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या आपातकालीन सेवाओं में भी अब मानवीय संवेदनाएं खत्म होती जा रही हैं?
सोशल मीडिया पर आक्रोश
जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। सोशल मीडिया यूजर्स ने सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों के रवैये पर तीखी आलोचना की। कई लोगों ने इसे “मानवता को शर्मसार करने वाली घटना” बताया।
प्रशासन का एक्शन
मामले के तूल पकड़ने के बाद जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन हरकत में आ गया है। अधिकारियों ने एम्बुलेंस चालक और प्रभारी को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है।
साथ ही, एम्बुलेंस सेवा चला रही निजी एजेंसी ने इस मामले में शामिल दो कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। प्रशासन ने यह भी कहा है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत नहीं, फिर भी जांच क्यों?
हालांकि इस मामले में अभी तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है, लेकिन वायरल वीडियो के आधार पर प्रशासन ने स्वतः संज्ञान लिया है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या मरीज के परिजनों से एम्बुलेंस सेवा के लिए पैसे या सफाई जैसे काम करने के लिए दबाव बनाया गया था।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठते सवाल
यह घटना केवल एक वीडियो तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे स्वास्थ्य सिस्टम की संवेदनशीलता और जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। जब एक गंभीर रूप से घायल मरीज को तुरंत इलाज और सुरक्षित ट्रांसफर की जरूरत होती है, तब ऐसी घटनाएं व्यवस्था की खामियों को उजागर करती हैं।
कटनी की यह घटना एक चेतावनी है कि स्वास्थ्य सेवाओं में सिर्फ सुविधाएं ही नहीं, बल्कि मानवीय व्यवहार और संवेदनशीलता भी उतनी ही जरूरी है। प्रशासन की कार्रवाई भले ही शुरू हो गई हो, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकी जा सकेंगी?




