फिरोजाबाद में BJP महिला पार्षद का अनोखा विरोध: नगर निगम गेट पर कराया मुंडन
Anika Rajput
16 घंटे पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Vaishali shinde
21 घंटे पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Aditya Verma
22 घंटे पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Dev Kapoor
23 घंटे पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Priya Iyer
1 दिन पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
ankit laxakar
1 दिन पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां बीजेपी की महिला पार्षद ने अपनी ही सरकार और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। वार्ड में विकास कार्य न होने, पेयजल संकट और सफाई व्यवस्था की बदहाली से नाराज़ पार्षद ने नगर निगम परिसर में ही अपना मुंडन कराकर विरोध जताया। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
नगर निगम परिसर में रोते हुए कराया मुंडन
बताया जा रहा है कि वार्ड संख्या 6 की बीजेपी पार्षद ऊषा शंखवार मंगलवार को अपने समर्थकों और अन्य पार्षदों के साथ नगर निगम कार्यालय पहुंचीं। वहां उन्होंने एक नाई को बुलाकर सबके सामने अपना सिर मुंडवा लिया। मुंडन के दौरान वह भावुक होकर रोने लगीं और अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए।
इस अनोखे विरोध प्रदर्शन को देखकर नगर निगम परिसर में मौजूद लोग भी हैरान रह गए। कई पार्षदों ने मौके पर उनका समर्थन किया और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
“जनता हमें ही कोस रही है” — ऊषा शंखवार
पार्षद ऊषा शंखवार ने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों से उनके वार्ड में कोई बड़ा विकास कार्य नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पूरी तरह खराब है और लोगों को पीने के पानी की भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि जब भी वह अपने क्षेत्र में जाती हैं, जनता उन्हें ही जिम्मेदार ठहराती है और लगातार सवाल पूछती है। पार्षद का कहना है कि उन्होंने कई बार नगर निगम अधिकारियों से लिखित और मौखिक शिकायत की, लेकिन हर बार उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया गया।
अधिकारियों पर लगाए अनदेखी के आरोप
ऊषा शंखवार ने आरोप लगाया कि अधिकारी बार-बार यह कहकर उन्हें टाल देते हैं कि उनके वार्ड में पहले ही 64 लाख रुपये के विकास कार्य कराए जा चुके हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इतने कार्य हुए हैं तो फिर जनता आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान क्यों है। उन्होंने कहा कि वह सत्ताधारी दल की पार्षद हैं, इसके बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हो रही। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वह इससे भी बड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगी।
जलकल विभाग के गेट पर दिया धरना
जानकारी के मुताबिक, मुंडन कराने से पहले महिला पार्षद ने जलकल विभाग के गेट पर करीब एक घंटे तक धरना भी दिया। इस दौरान उन्होंने पानी की टंकी निर्माण और क्षेत्र में विकास कार्य शुरू कराने की मांग की। उनका कहना था कि पिछले कई वर्षों से क्षेत्र में पानी की समस्या बनी हुई है, लेकिन नगर निगम प्रशासन लगातार मामले को टालता आ रहा है।
नगर आयुक्त प्रशांत नागर पहुंचे मौके पर
घटना की जानकारी मिलते ही नगर आयुक्त प्रशांत नागर मौके पर पहुंचे। उन्होंने महिला पार्षद को समझाने की कोशिश की और जल्द समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। नगर आयुक्त ने कहा कि वार्ड संख्या 6 में कई विकास कार्य कराए गए हैं, लेकिन यदि अभी भी कुछ समस्याएं बाकी हैं तो उनके निराकरण के लिए विशेष टीम भेजी गई है। टीम की रिपोर्ट के आधार पर बाकी कार्यों को प्राथमिकता से पूरा कराया जाएगा।
नगर निगम ने जारी किया प्रेस नोट
मामला बढ़ने के बाद नगर निगम प्रशासन की ओर से प्रेस नोट भी जारी किया गया। प्रशासन के मुताबिक वार्ड संख्या 6 में पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए करीब 35 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। वहीं सफाई व्यवस्था के लिए 32 सफाई कर्मचारियों की तैनाती की गई है। नगर निगम ने यह भी दावा किया कि वार्ड में 97 लाख रुपये से अधिक के विकास कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं और जल्द उन पर काम शुरू कराया जाएगा।
विरोध प्रदर्शन ने खड़े किए बड़े सवाल
बीजेपी की ही महिला पार्षद द्वारा अपनी सरकार और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ इस तरह खुलकर विरोध करना अब राजनीतिक चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधि ही खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं, तो आम जनता की समस्याओं का समाधान कैसे होगा।
फिलहाल महिला पार्षद के इस अनोखे विरोध प्रदर्शन ने प्रशासन को हरकत में ला दिया है और अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि विकास कार्यों के दावे जमीन पर कब तक उतरते हैं।



