हाईकोर्ट में नए अंदाज में दिखीं ममता बनर्जी: वकील के चोगे में कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंचीं
Arjun Singh
4 घंटे पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Ravi sinha
6 घंटे पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Tanya Bajaj
9 घंटे पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Nisha Shah
10 घंटे पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Pooja Reddy
10 घंटे पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी गुरुवार को एक अलग ही अंदाज में नजर आईं। ममता बनर्जी वकील का चोगा पहनकर कलकत्ता हाई कोर्ट पहुंचीं, जहां उन्होंने चुनाव के बाद हुई हिंसा से जुड़े एक अहम जनहित याचिका (PIL) मामले में पक्ष रखने की तैयारी की। कोर्ट परिसर में उनका यह नया रूप राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा का विषय बन गया।
चुनाव बाद हिंसा मामले में सुनवाई
जानकारी के अनुसार, यह मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद हुई हिंसा से जुड़ा है। इस याचिका पर चीफ जस्टिस सुजॉय पाल की बेंच में सुनवाई होनी है। बताया जा रहा है कि ममता बनर्जी इस दौरान कार्यवाही के कई पहलुओं पर सवाल उठा सकती हैं और चुनाव के बाद राज्य में बने हालात पर अपनी दलीलें रखेंगी।
TMC नेता के बेटे ने दायर की थी याचिका
यह PIL टीएमसी नेता और वरिष्ठ वकील कल्याण बंदोपाध्याय के बेटे शीर्षान्या बंदोपाध्याय द्वारा दायर की गई थी। तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव परिणाम के बाद राज्य में पार्टी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया और कई जगह हिंसा की घटनाएं हुईं।
पहले भी सुप्रीम कोर्ट में रख चुकी हैं पक्ष
ममता बनर्जी इससे पहले भी SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बतौर वकील दलील पेश कर चुकी हैं। उन्होंने वर्ष 1982 में जोगेश चंद्र कॉलेज ऑफ लॉ से कानून की डिग्री हासिल की थी। राजनीति के साथ-साथ कानून की पढ़ाई करने वाली ममता का यह कानूनी रूप एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप
पश्चिम बंगाल चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी लगातार चुनाव आयोग और SIR प्रक्रिया पर सवाल उठा रही हैं। TMC का आरोप है कि कई मतदाताओं को वोट देने से वंचित किया गया और मतगणना में भी गड़बड़ी हुई। ममता बनर्जी ने दावा किया है कि बीजेपी ने “100 सीटें लूट लीं” और चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं रही।
चुनाव परिणाम के बाद बढ़ा सियासी तनाव
चार मई को आए विधानसभा चुनाव परिणामों में बीजेपी ने 207 सीटों के साथ भारी जीत दर्ज की, जबकि TMC को 80 सीटों पर संतोष करना पड़ा। इसके बाद राज्य में कई जगह हिंसा की घटनाएं सामने आईं। सोशल मीडिया पर पार्टी कार्यालयों और कार्यकर्ताओं पर हमलों के वीडियो भी वायरल हुए थे। इसी को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी।
हार के बाद भी आक्रामक रुख
चुनाव हारने के बाद भी ममता बनर्जी लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल में भी “पूर्व मुख्यमंत्री” शब्द का इस्तेमाल नहीं किया और खुद को केवल तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष बताया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ममता बनर्जी अब कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर विपक्ष को घेरने की रणनीति बना रही हैं।







