मद्य निषेध भर्ती परीक्षा को लेकर बढ़ा विवाद: नकल कराने की साजिश का भी हुआ खुलासा
Yash Kulkarni
1 दिन पहलेYeh samajik mudda bahut gambhir hai, dhyan dena zaroori hai.
Pihu Agarwal
1 दिन पहलेYeh mamla sabke saath ho sakta hai, jaagrukata zaroori.
Sonu rai
2 दिन पहलेLogon ki madad karna hi asli dharam hai.
Simran Arora
2 दिन पहलेPeedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.
बिहार पुलिस के मद्य निषेध विभाग की सिपाही भर्ती परीक्षा को लेकर राज्यभर में अभ्यर्थियों की नाराजगी सामने आई है। बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के परीक्षा में शामिल होने के बावजूद परिवहन, परीक्षा केंद्रों और अन्य मूलभूत सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार को आवेदनों की संख्या पहले से ज्ञात थी, इसके बावजूद व्यवस्थाओं में कमी देखने को मिली।
परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में हुई परेशानी
अभ्यर्थियों के अनुसार परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए पर्याप्त यातायात सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं। कई उम्मीदवारों को लंबी दूरी तय करनी पड़ी, जबकि रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भीड़ के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। छात्रों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसी परीक्षाओं के आयोजन से पहले व्यापक स्तर पर तैयारियां सुनिश्चित की जाएं।
पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर विरोध प्रदर्शन
भर्ती परीक्षा के लिए पहुंचे अभ्यर्थियों की भारी भीड़ के कारण पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर अव्यवस्था की स्थिति बन गई। परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में हो रही दिक्कतों से नाराज छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया, जिससे स्टेशन परिसर में तनावपूर्ण माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस और रेलवे प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। घटना के बाद स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
सोशल मीडिया पर भी उठे सवाल
परीक्षा व्यवस्था को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। कई लोगों ने अभ्यर्थियों की समस्याओं को गंभीरता से लेने की मांग की है। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि बेरोजगारी के दौर में भर्ती परीक्षाएं युवाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, इसलिए सरकार को आयोजन से पहले सभी आवश्यक सुविधाओं का समुचित प्रबंध करना चाहिए।
बेगूसराय में नकल कराने की साजिश का भंडाफोड़
इसी बीच बेगूसराय में 14 जून को आयोजित मद्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा में नकल कराने की बड़ी साजिश का पुलिस ने खुलासा किया है। तकनीकी शाखा और बखरी थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि परीक्षा में सेटिंग कर नकल कराने के लिए बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जमा किए गए हैं।
सूचना के आधार पर हुई छापेमारी
तकनीकी शाखा को 12 जून को सूचना प्राप्त हुई थी कि बखरी थाना क्षेत्र के जीतपुर निवासी राजेश रौशन के घर पर परीक्षा में धांधली कराने के उद्देश्य से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस एकत्र किए गए हैं। इसके बाद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कुंदन कुमार के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने छापेमारी की कार्रवाई की।
भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 38 वॉकी-टॉकी, सात ब्लूटूथ डिवाइस, छह चार्जर, तीन विशेष डिवाइस युक्त बनियान, दो सिम आधारित एटीएम कार्डनुमा डिवाइस, तीन इलेक्ट्रॉनिक चप्पल, दो माइक्रोफोन, एक मेटल डिटेक्टर और दो मोबाइल फोन सहित कई संदिग्ध उपकरण बरामद किए। इसके अलावा कुछ परीक्षार्थियों के प्रमाण पत्र भी पुलिस के हाथ लगे हैं।
दो आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
पुलिस ने मौके से राजेश रौशन और दुलारचंद यादव को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी की पूरी साजिश की जांच की जा रही है और मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है। प्रशासन ने निष्पक्ष परीक्षा कराने के लिए सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।






