30 मिनट में कर्ज़ में डूब सकते हैं आप: ‘मदद मांगने वाला’ नया AI स्कैम बना सबसे बड़ा खतरा

Nisha Shah
0 सेकंड पहलेNaye zamane ki nai technology — sab samjhein, sab apnayein.
देशभर में मॉल, मेट्रो स्टेशन, बाजार और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर एक नया और बेहद खतरनाक साइबर फ्रॉड सामने आया है, जिसे “मदद मांगने वाला स्कैम” कहा जा रहा है। इस स्कैम में अपराधी किसी जरूरतमंद या बुज़ुर्ग व्यक्ति का रूप धारण कर लोगों से मदद मांगते हैं। वे दावा करते हैं कि उन्हें फोन चलाना नहीं आता या उन्हें कोई जरूरी काम जैसे पेंशन चेक करना, कॉल करना या UPI पेमेंट करना है।
कैसे फंसाते हैं स्कैमर?
स्कैमर बेहद सभ्य और भरोसेमंद दिखते हैं, जिससे आम लोग आसानी से उनकी मदद करने को तैयार हो जाते हैं। जैसे ही आप उनका फोन हाथ में लेते हैं, असली खेल शुरू होता है। अक्सर उनका फोन पहले से ही वीडियो कॉल पर होता है या उसमें स्क्रीन रिकॉर्डिंग और फेस रिकग्निशन की परमिशन चालू रहती है। दूसरी तरफ बैठे अपराधी आपके हर मूवमेंट को रिकॉर्ड कर रहे होते हैं।
AI बायोमेट्रिक स्कैम: असली खतरा क्या है?
यह कोई साधारण धोखाधड़ी नहीं, बल्कि AI आधारित बायोमेट्रिक आइडेंटिटी स्कैम है। इसमें स्कैमर्स आपके तीन सबसे अहम बायोमेट्रिक डेटा चुरा लेते हैं:
- फिंगरप्रिंट (जब आप फोन छूते हैं),
- आवाज़ (जब आप कुछ बोलते या कोड पढ़ते हैं),
- चेहरा (जब आप स्क्रीन देखते हैं),
इन डेटा के जरिए AI तकनीक आपकी एक “डिजिटल क्लोन” तैयार कर सकती है, जो लगभग असली जैसा होता है।
30 मिनट में कैसे हो सकते हैं बर्बाद?
एक बार डिजिटल क्लोन तैयार हो जाने के बाद, स्कैमर इसका इस्तेमाल ऑनलाइन लोन लेने, क्रेडिट कैश निकालने और फाइनेंसिंग एप्स में वेरिफिकेशन पास करने के लिए करते हैं। सबसे खतरनाक बात यह है कि यह सब मात्र 30 मिनट के अंदर हो सकता है। जब तक आपको बैंक नोटिफिकेशन मिलते हैं, तब तक आप लाखों या करोड़ों रुपये के कर्ज़ में फंस चुके होते हैं।
क्यों खतरनाक है यह स्कैम?
इस स्कैम में आपका पैसा सीधे नहीं चुराया जाता, बल्कि आपकी पहचान चुरा ली जाती है। यानी स्कैमर आपका “डिजिटल रूप” बनाकर आपके नाम पर धोखाधड़ी करते हैं, जिसका बोझ अंततः आपको ही उठाना पड़ता है।
बचाव के लिए क्या करें?
इस खतरनाक स्कैम से बचने के लिए ये 3 नियम हमेशा याद रखें:
अजनबियों को अपना फोन कभी न दें और न ही उनका फोन चलाएं।
किसी भी अनजान वीडियो कॉल को तुरंत काट दें।
किसी के कहने पर कुछ भी न पढ़ें, न बोलें और न ही स्क्रीन पर देखें।
जागरूकता ही बचाव है
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के स्कैम में खासतौर पर दयालु और मददगार लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। इसलिए जरूरी है कि आप खुद सतर्क रहें और अपने परिवार, खासकर बुज़ुर्गों और बच्चों को इस खतरे के बारे में जागरूक करें।
आखिरी चेतावनी
कभी यह मत सोचिए कि “मैं इतना समझदार हूं कि इस स्कैम में नहीं फंसूंगा।” आज के दौर में स्कैमर्स आपकी इसी सोच और दयालुता का फायदा उठाते हैं।







