गुजरात मतदान में बड़ा विवाद: पोलिंग बूथ के बाहर बीजेपी प्रचार सामग्री मिलने से बवाल

प्रतिक्रियाएँ
Simran Arora

Simran Arora

0 सेकंड पहले

Sarkar ko public ko jawab dena chahiye.

Sai Mehta

Sai Mehta

0 सेकंड पहले

Bahut achhi reporting ki hai, keep it up!

CommentsReactionsFeedback

गुजरात में निकाय चुनाव के दौरान मतदान प्रक्रिया के बीच एक बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि एक पोलिंग बूथ के बाहर सत्तारूढ़ पार्टी की प्रचार सामग्री—जैसे चुनाव चिन्ह वाले बैग, पेन और गमछे—मिलने से माहौल गर्मा गया। चुनावी आचार संहिता के तहत मतदान केंद्र के आसपास किसी भी प्रकार का राजनीतिक प्रचार पूरी तरह प्रतिबंधित होता है, ऐसे में इस घटना ने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

AAP ने लगाया धांधली का आरोप, लाइव वीडियो से बढ़ा विवाद
आम आदमी पार्टी ने इस पूरे मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। AAP नेता हस्तिकाबेन परमार ने लाइव वीडियो के जरिए आरोप लगाया कि यह मामला “रंगे हाथों पकड़ी गई धांधली” का उदाहरण है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या कानून सिर्फ विपक्षी दलों के लिए ही लागू होता है? उनके बयान के बाद यह मुद्दा राजनीतिक गलियारों में तेजी से चर्चा का विषय बन गया।

 

कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, तनावपूर्ण हुआ माहौल
घटना के बाद मौके पर दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प भी देखने को मिली। आरोप-प्रत्यारोप के बीच स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गई। स्थानीय प्रशासन को हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित करना पड़ा। इस घटना ने चुनावी माहौल को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।

 

वायरल वीडियो में कर्मचारी पर भी उठे सवाल
सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में पोलिंग बूथ के एक कर्मचारी पर भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि वह बीजेपी का लोगो लगा पेन इस्तेमाल कर रहा था। वीडियो में यह भी देखा गया कि कैमरा ऑन होते ही कर्मचारी ने अपना चेहरा छुपाने की कोशिश की। हालांकि इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है, लेकिन इससे विवाद और गहरा गया है।

 

डमी ईवीएम और प्रचार सामग्री से बढ़ी चिंता
रिपोर्ट्स के अनुसार, पोलिंग बूथ के पास डेमो ईवीएम मशीन के आसपास भी प्रचार सामग्री रखी हुई दिखाई दी। चुनाव नियमों के अनुसार, इस तरह की गतिविधियां मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश मानी जाती हैं। यदि यह आरोप सही साबित होते हैं, तो यह चुनावी नियमों का गंभीर उल्लंघन होगा।

 

चुनाव आयोग की भूमिका पर टिकी निगाहें
इस पूरे विवाद के बाद अब सभी की नजर चुनाव आयोग पर टिकी हुई है। उम्मीद की जा रही है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विपक्षी दलों ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए तत्काल जांच की मांग की है।

 

निष्पक्ष चुनाव पर उठे बड़े सवाल
यह घटना केवल एक विवाद नहीं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल है। ऐसे मामलों से मतदाताओं का भरोसा प्रभावित हो सकता है, इसलिए जरूरी है कि प्रशासन सख्ती से कार्रवाई कर निष्पक्षता सुनिश्चित करे।

प्रतिक्रियाएँ
Simran Arora

Simran Arora

0 सेकंड पहले

Sarkar ko public ko jawab dena chahiye.

Sai Mehta

Sai Mehta

0 सेकंड पहले

Bahut achhi reporting ki hai, keep it up!

CommentsReactionsFeedback

खबरे और भी है...