हैदराबाद में मासूम के अपहरण से सनसनी: पुलिस ने घंटों में किया रेस्क्यू

पुलिस ने घंटों में किया रेस्क्यू
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Rohan Desai

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तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में छह महीने की मासूम बच्ची के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। यह घटना उस समय हुई जब एक गरीब दंपति अपनी चार बेटियों के साथ फुटपाथ पर सो रहा था। आरोप है कि बच्ची को एक निसंतान रिश्तेदार को “गिफ्ट” करने के इरादे से पूरी साजिश रची गई थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया और पांच आरोपियों को हिरासत में ले लिया, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल बताए जा रहे हैं।

 

पहले की रेकी, फिर गहरी नींद का इंतजार
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने से पहले इलाके की कई दिनों तक रेकी की थी। आरोपी अस्पताल के आसपास घूमते रहे और फुटपाथ पर रहने वाले परिवार की गतिविधियों पर लगातार नजर रखते रहे। जब उन्हें यकीन हो गया कि परिवार गहरी नींद में है, तब उन्होंने बच्ची को अगवा करने की योजना को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी महिला श्रीदेवी अपनी निसंतान भाभी को लेकर भावनात्मक रूप से परेशान थी और परिवार में खुशी लाने के लिए किसी बच्चे का अपहरण करना चाहती थी। इसी सोच के तहत पूरी साजिश रची गई।

 

मां के पास सो रही बच्ची को उठाकर बाइक से फरार हुए आरोपी
घटना 4 मई की तड़के की बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक दो आरोपी चुपचाप फुटपाथ पर पहुंचे और मां के पास सो रही छह महीने की बच्ची को उठाकर मोटरसाइकिल से फरार हो गए। कुछ ही देर बाद परिवार की आंख खुली तो बच्ची गायब थी। मासूम के लापता होते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी और सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ तकनीकी निगरानी तेज कर दी।

 

CCTV और तकनीकी निगरानी से खुला पूरा राज
पुलिस ने स्थानीय इनपुट, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी ट्रैकिंग की मदद से बच्ची को राजेंद्रनगर इलाके से सुरक्षित बरामद कर लिया। इसके बाद पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। अधिकारियों के अनुसार पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं और पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच जारी है। फिलहाल बच्ची पूरी तरह सुरक्षित है और उसे उसके परिवार को सौंप दिया गया है। इस घटना के बाद इलाके में दहशत और नाराजगी का माहौल है। स्थानीय लोगों ने फुटपाथ पर रहने वाले परिवारों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए हैं।

 

गरीब परिवारों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने शहर में गरीब और बेघर परिवारों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फुटपाथ पर रहने वाले लोग अक्सर अपराधियों के आसान निशाने बन जाते हैं। सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि अस्पतालों और सार्वजनिक स्थानों के आसपास सुरक्षा बढ़ाई जाए ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

 

पुलिस कर रही पूरे नेटवर्क की जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक अपहरण तक सीमित नहीं हो सकता। जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि कहीं इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं था। हिरासत में लिए गए आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और जल्द ही मामले में और खुलासे होने की संभावना है।

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