'7 "कोर्पोरेट नाम" और उनके जन्म की कहानी': Apple से लेकर Bridgestone तक कैसे पड़े ये आइकॉनिक नाम?

7 दिग्गज कंपनियों के नाम और उनकी दिलचस्प उत्पत्ति:
Apple:
स्टीव जॉब्स और स्टीव वोज़नियक ने 1976 में एप्पल कम्प्यूटर की स्थापना की. लेकिन एप्पल नाम कैसे चुना गया? दरअसल जॉब्स को बीटल का लेबल एप्पल रिकार्डस बहुत पसंद था और उन्होने उसी की तर्ज पर कम्पनी का नाम भी एप्पल रखा. लेकिन बीटल्स होल्डिंग कम्पनी ने एप्पल कोर्प. पर मुकदमा कर दिया जो 30 साल तक चला. अंत में एप्पल कम्प्यूटर ने बीटल्स से एप्पल ब्रांड ही खरीद लिया.
LG:
यह कम्पनी फ्रीज, मोबाइल, माइक्रोवेव से लेकर टीवी तक बनाती है. वैसे LG एक नहीं बल्कि दो कम्पनियों के एक हो जाने से बनी है. Lucky नामक कम्पनी घर उपयोगी उत्पाद बनाती थी और Goldstar नामक कम्पनी इलैक्ट्रोनिक्स सामान! दोनों कम्पनियों के एकीकरण के बाद Goldstar के नाम से काम चलता रहा, लेकिन 1995 में इसे बदल कर LG कर दिया गया.
Toshiba:
1875 में टेलीफोन इंजीनियरिंग कम्पनी Tanaka Seizo-Sho और बल्ब बनाने वाली कम्पनी Hakunestu-sha अस्तित्व में आई. 1899 में Hakunestu-sha का नाम बदलकर Tokyo Electric Co किया गया. Tanaka Seizo-Sho बाद में Shibaura Engineering Works कहलाई. अंत में 1939 में दोनों कम्पनियों का विलय हो गया और Tokyo Shibaura Electric company अस्तित्व में आई. बाद में Tokyo Shibaura के पहले अक्षर लेकिन बनी Toshiba.
Canon:
वैसे केनन कम्पनी का नहीं ब्रांड का नाम था. Precision Optical Instruments Laboratory ने 1933 में अपने कैमरे के ब्रांड का नाम रखा था Kwanon जो कि एक बौद्ध भगवान का नाम है.
कम्पनी ने 1935 Canon शब्द का ट्रेडमार्क प्राप्त किया जो Kwanon की तरह ही बोला जाता था और इसका मतलब होता है उसूल या स्तर.









