सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट के बाद तेज उछाल: वैश्विक बाजार में मुनाफावसूली

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सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। जहां एक ओर हाजिर बाजार में गिरावट दर्ज की गई, वहीं दूसरी ओर मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर दोनों की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला।
बुलियन वेबसाइट के मुताबिक, चांदी की कीमत ₹7,940 गिरकर ₹2.38 लाख प्रति किलो पर पहुंच गई। वहीं सोने का भाव ₹1,250 घटकर ₹1.55 लाख प्रति 10 ग्राम हो गया।
MCX पर सोना-चांदी में जबरदस्त तेजी
बीते कारोबारी सत्र में MCX पर मार्च एक्सपायरी वाली चांदी ₹7,280 (3.08%) उछलकर ₹2,43,715 प्रति किलो पर पहुंच गई। वहीं अप्रैल एक्सपायरी वाला सोना ₹2,819 (1.84%) की मजबूती के साथ ₹1,55,655 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। कीमतों में इस तेजी से बाजार में फिर से खरीदारी का माहौल बना है, हालांकि ऊंचे दामों के कारण निवेशक और ज्वेलरी खरीदार सतर्क नजर आ रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में हल्की गिरावट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में 16 फरवरी को हल्की मुनाफावसूली देखने को मिली। एशियाई कारोबार के दौरान स्पॉट गोल्ड करीब 0.27% गिरकर 5,033 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। स्पॉट सिल्वर में 2% से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई और यह 76.34 डॉलर प्रति औंस पर रहा।
जनवरी के अंत में सोना 5,600 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया था, लेकिन फरवरी की शुरुआत में तेज बिकवाली के कारण कीमतें 4,500 डॉलर से नीचे फिसल गई थीं। फिलहाल सोना अपने नुकसान का लगभग आधा हिस्सा रिकवर कर चुका है।
उतार-चढ़ाव की वजह क्या है?
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका के Consumer Price Index (CPI) में जनवरी के दौरान 0.2% की नरमी देखने को मिली है। इससे महंगाई को लेकर चिंताएं कुछ कम हुई हैं और अमेरिकी केंद्रीय बैंक Federal Reserve द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद मजबूत हुई है।
आमतौर पर ब्याज दरों में कटौती की संभावना सोने-चांदी जैसे नॉन-यील्डिंग एसेट्स के लिए सकारात्मक मानी जाती है, क्योंकि कम ब्याज दरों के दौर में निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं।
मौजूदा समय में बाजार अस्थिर बना हुआ है। एक तरफ वैश्विक संकेत मिलेजुले हैं, तो दूसरी ओर घरेलू बाजार में निवेशकों की नजर आगामी आर्थिक आंकड़ों और डॉलर की चाल पर टिकी है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दर कटौती के संकेत और मजबूत होते हैं, तो सोना-चांदी में फिर से नई तेजी देखने को मिल सकती है।








