ऑपरेशन सिंदूर पर राजनाथ सिंह का बड़ा बयान: भारत ने अपनी शर्तों पर रोका ऑपरेशन

भारत ने अपनी शर्तों पर रोका ऑपरेशन
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Ritika Ghosh

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Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Kabir Shukla

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Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Ritika Ghosh

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Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

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नई दिल्ली में आयोजित नेशनल सिक्योरिटी समिट 2.0 में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत की बदलती रणनीतिक सोच और सैन्य ताकत को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर” केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत की नई रणनीतिक शक्ति और वैश्विक दृष्टिकोण का प्रतीक है।
रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत ने इस ऑपरेशन को अपनी इच्छा और शर्तों पर रोका था, न कि किसी दबाव या कमजोरी के कारण। उन्होंने यह भी कहा कि उस समय भारत किसी भी परिस्थिति में लंबा युद्ध लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार था।

 

“भारत अब केवल बयान नहीं देता, कार्रवाई करता है”
राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाई है। अब देश आतंकवादी हमलों पर सिर्फ कूटनीतिक बयान देने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि सीधे और निर्णायक कार्रवाई करता है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने उन्हीं ठिकानों को निशाना बनाया, जहां से आतंकवादी हमले संचालित किए गए थे।

 

“भय बिन होय न प्रीति”: प्रतिरोध की नई नीति
अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने कहा, “भय बिन होय न प्रीति”—यानी बिना भय के प्रेम संभव नहीं है। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय संबंधों में भी लागू बताया और कहा कि मजबूत प्रतिरोध ही शांति और स्थिरता की गारंटी देता है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को इसी सिद्धांत का जीवंत उदाहरण बताया, जिसने दुनिया को भारत की नई शक्ति का संदेश दिया।

 

सैन्य क्षमता और लंबे युद्ध की तैयारी
राजनाथ सिंह ने बताया कि भले ही ऑपरेशन केवल 72 घंटे चला, लेकिन इसकी तैयारी लंबे समय से चल रही थी। उन्होंने कहा कि भारत की “सर्ज कैपेसिटी” (अचानक सैन्य क्षमता बढ़ाने की क्षमता) पहले से कहीं अधिक मजबूत हो चुकी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत किसी भी प्रकार की परमाणु धमकी से प्रभावित नहीं हुआ और पूरी मजबूती से अपने फैसले लिए।

 

पाकिस्तान पर तीखा हमला: “आतंकवाद का वैश्विक केंद्र”
रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि वह लगातार आतंकवाद को बढ़ावा देता रहा है। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि जहां भारत आज सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के लिए जाना जाता है, वहीं पाकिस्तान “International Terrorism” का केंद्र बन गया है। उन्होंने आतंकवाद के तीन आयाम—ऑपरेशनल, वैचारिक और राजनीतिक—का जिक्र करते हुए कहा कि जब तक इसकी वैचारिक और राजनीतिक जड़ों को खत्म नहीं किया जाएगा, तब तक आतंकवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हो सकता।

 

स्वदेशी हथियारों से मजबूत हुआ भारत
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत की सैन्य ताकत में स्वदेशी हथियारों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। इससे देश की प्रतिरोध क्षमता मजबूत हुई है और युद्धकाल में भी तेज़ आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है। उन्होंने बताया कि भारत का मिलिट्री-इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स अब किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।

 

ऑपरेशन सिंदूर: पहलगाम हमले का जवाब
गौरतलब है कि मई 2025 में शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में आतंकी ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की थी। इस ऑपरेशन में 9 बड़े आतंकी लॉन्चपैड तबाह किए गए और 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया। इसके बाद पाकिस्तान की ओर से ड्रोन और गोलीबारी की गई, जिसका भारत ने मुंहतोड़ जवाब दिया।
अंततः 10 मई को दोनों देशों के DGMO के बीच बातचीत के बाद संघर्ष विराम पर सहमति बनी।

 

भारत की बदलती रणनीति का संकेत
राजनाथ सिंह के बयान से स्पष्ट है कि भारत अब सुरक्षा के मुद्दे पर आक्रामक और निर्णायक रणनीति अपना रहा है। ऑपरेशन सिंदूर को एक टर्निंग पॉइंट बताते हुए उन्होंने यह संकेत दिया कि भारत अब किसी भी खतरे का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है—चाहे वह सीमित कार्रवाई हो या लंबा संघर्ष।

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