QR Code Scam Alert: एक स्कैन और बैंक अकाउंट खाली

Monika Das
0 सेकंड पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
Payal jadon
0 सेकंड पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
Aarav Sharma
0 सेकंड पहलेCBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.
Saanvi Pandey
37 मिनट पहलेYeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.
भारत में डिजिटल भुगतान और UPI ट्रांजैक्शन ने लोगों की जिंदगी को बेहद आसान बना दिया है। लेकिन इसी सुविधा का फायदा उठाकर साइबर अपराधी अब QR Code Scam यानी Quishing (QR Phishing) के जरिए लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। नकली QR कोड, फर्जी पेमेंट रिक्वेस्ट और सोशल इंजीनियरिंग तकनीकों का इस्तेमाल कर ठग लोगों के बैंक खातों से मिनटों में रकम साफ कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी-सी लापरवाही बड़ी आर्थिक क्षति का कारण बन सकती है।
क्या है QR Code Scam या Quishing?
Quishing, "QR" और "Phishing" शब्दों से मिलकर बना है। यह एक ऐसा साइबर फ्रॉड है जिसमें धोखेबाज नकली QR Code तैयार करके लोगों को उसे स्कैन करने के लिए प्रेरित करते हैं। QR Code स्कैन करने के बाद यूजर को फर्जी वेबसाइट, नकली पेमेंट पेज या मालवेयर डाउनलोड कराने वाले लिंक पर भेज दिया जाता है। कई मामलों में स्कैन करते ही यूजर से UPI PIN, बैंक डिटेल, OTP या अन्य संवेदनशील जानकारी मांगी जाती है, जिससे साइबर अपराधी बैंक खाते तक पहुंच बना लेते हैं।
"पैसे रिसीव करने" का झांसा देकर कैसे होती है ठगी?
QR Code Scam का सबसे आम तरीका यह है कि ठग किसी सामान की खरीद, इनाम, रिफंड या कैशबैक का लालच देकर व्हाट्सएप, टेलीग्राम या सोशल मीडिया पर QR Code भेजते हैं। वे दावा करते हैं कि कोड स्कैन करने से पैसे आपके खाते में आ जाएंगे।
असलियत यह है कि QR Code का उपयोग भुगतान (Pay) करने के लिए होता है, पैसे प्राप्त (Receive) करने के लिए नहीं। जैसे ही व्यक्ति QR Code स्कैन कर अपना UPI PIN दर्ज करता है, उसके खाते से पैसे कट जाते हैं।
दुकानों और सार्वजनिक स्थानों पर भी लगाया जा रहा है नकली QR Code
साइबर ठग अब दुकानों, पेट्रोल पंपों, पार्किंग मीटर और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लगे असली QR Code के ऊपर फर्जी QR Code का स्टिकर चिपका देते हैं। ग्राहक जब भुगतान करने के लिए कोड स्कैन करता है तो पैसा सीधे व्यापारी के बजाय अपराधी के खाते में पहुंच जाता है। पहली नजर में यह नकली स्टिकर पहचानना काफी मुश्किल होता है।
फर्जी वेबसाइट और मालवेयर से भी बनाया जाता है शिकार
कई QR Code ऐसे होते हैं जो स्कैन करने के बाद बैंक या UPI ऐप जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइट पर ले जाते हैं। यहां यूजर से बैंकिंग यूजर आईडी, पासवर्ड, कार्ड डिटेल या OTP मांगा जाता है। जानकारी दर्ज करते ही साइबर अपराधी खाते तक पहुंच बना लेते हैं।
कुछ मामलों में QR Code स्कैन करते ही फोन में बैकग्राउंड में APK या मालवेयर डाउनलोड हो जाता है। यह मालवेयर मोबाइल के कैमरा, माइक्रोफोन, SMS और अन्य संवेदनशील डेटा तक पहुंच बनाकर वित्तीय जानकारी चोरी कर सकता है।
QR Code Scam से बचने के लिए अपनाएं ये जरूरी सावधानियां
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, QR Code स्कैन करने से पहले कुछ सरल सावधानियां अपनाकर इस तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सकता है।
- पैसे प्राप्त करने के लिए कभी भी QR Code स्कैन न करें और UPI PIN दर्ज न करें।
- स्कैन करने के बाद स्क्रीन पर दिखाई देने वाले मर्चेंट या व्यक्ति के नाम की पुष्टि अवश्य करें।
- सार्वजनिक स्थानों पर QR Code के ऊपर लगे किसी अतिरिक्त स्टिकर या छेड़छाड़ के संकेतों की जांच करें।
- QR स्कैन करने के बाद खुलने वाले URL को ध्यान से देखें। यदि वेबसाइट संदिग्ध लगे या HTTPS के बजाय HTTP हो तो आगे न बढ़ें।
- किसी भी QR Code के माध्यम से बैंक डिटेल, OTP, UPI PIN या पासवर्ड साझा न करें।
- मोबाइल और बैंकिंग ऐप्स को हमेशा अपडेट रखें तथा मजबूत पासवर्ड और Two-Factor Authentication का उपयोग करें।
अगर QR Code Scam का शिकार हो जाएं तो तुरंत क्या करें?
यदि गलती से आपने फर्जी QR Code स्कैन कर दिया है और खाते से पैसे कट गए हैं, तो बिना देर किए अपने बैंक से संपर्क कर UPI सेवा या खाते को ब्लॉक करवाएं। इसके तुरंत बाद राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या National Cyber Crime Reporting Portal पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती समय में शिकायत दर्ज कराने से रकम वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
सावधानी ही सबसे बड़ी साइबर सुरक्षा
QR Code ने डिजिटल भुगतान को आसान बनाया है, लेकिन बिना जांचे किसी भी QR Code को स्कैन करना भारी नुकसान पहुंचा सकता है। याद रखें, UPI PIN केवल पैसे भेजने के समय दर्ज किया जाता है, पैसे प्राप्त करने के लिए कभी नहीं। डिजिटल दुनिया में जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।








