Plug-in Device Cyber Attack: चार्जर, USB-C और प्रोजेक्टर भी बन सकते हैं हैकिंग का हथियार
डिजिटल तकनीक ने लोगों की जिंदगी को पहले से कहीं अधिक आसान बना दिया है। आज घरों और ऑफिसों में स्मार्ट डिवाइस, USB-C एक्सेसरीज़, वायरलेस गैजेट्स और इंटरनेट से जुड़े उपकरणों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। लेकिन इसी सुविधा के साथ साइबर अपराधियों के लिए नए रास्ते भी खुल रहे हैं। हाल ही में सामने आई एक रिसर्च ने यह चेतावनी दी है कि अब केवल इंटरनेट या ईमेल ही नहीं, बल्कि चार्जर, डॉकिंग स्टेशन, USB-C डिवाइस और यहां तक कि प्रोजेक्टर जैसे सामान्य उपकरण भी साइबर हमले का माध्यम बन सकते हैं। कैम्ब्रिज और राइस यूनिवर्सिटी की रिसर्च में बड़ा खुलासा यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज और राइस यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए अध्ययन में पाया गया कि प्लग-इन डिवाइसों के जरिए भी साइबर हमलावर कंप्यूटर सिस्टम में सेंध लगा सकते हैं। शोध के दौरान वैज्ञानिकों ने "Thunderclap" नामक एक ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म तैयार किया और उसे USB-C पोर्ट के माध्यम से कंप्यूटर से जोड़कर परीक्षण किया। इसका उद्देश्य यह जांचना था कि क्या कोई हमलावर साधारण दिखने वाले डिवाइस के जरिए सिस्टम तक अनधिकृत पहुंच बना सकता है। चार्जर और प्रोजेक्टर भी बन सकते हैं साइबर हथियार अब तक माना जाता था कि केवल नेटवर्क कार्ड या ग्राफिक्स कार्ड जैसे विशेष हार्डवेयर ही ऐसे हमलों के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं। लेकिन इस अध्ययन ने दिखाया कि चार्जर, डॉकिंग स्टेशन, USB-C हब और प्रोजेक्टर जैसे सामान्य उपकरण भी यदि छेड़छाड़ किए गए हों तो वे कंप्यूटर की सुरक्षा को खतरे में डाल सकते हैं। ऐसे उपकरणों के जरिए हमलावर संवेदनशील डेटा तक पहुंचने या पूरे सिस्टम पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश कर सकते हैं।