संसद में भारी हंगामा: ‘एपस्टीन’ के नारों से गूंजा सदन
Comments
संसद के बजट सत्र में गुरुवार (12 मार्च 2026) को उस समय भारी हंगामा देखने को मिला जब केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri के भाषण के दौरान विपक्षी सांसदों ने तीखी नारेबाजी शुरू कर दी। सदन में अचानक “देखो-देखो कौन आया, एपस्टीन का दोस्त आया” जैसे नारे गूंजने लगे, जिससे लोकसभा की कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित हो गई।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मंत्री पुरी ने शोर-शराबे के बीच भी अपना संबोधन जारी रखा और देश में एलपीजी और ईंधन आपूर्ति की स्थिति को लेकर सरकार का पक्ष रखा। संसद का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इस पर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है।
राहुल गांधी का आरोप, सदन में बढ़ा विवाद
लोकसभा में पूरक अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने सरकार पर हमला बोलते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने अमेरिकी यौन अपराधी Jeffrey Epstein का जिक्र करते हुए मंत्री से जुड़े कथित संबंधों का मुद्दा उठाया। साथ ही यह भी आरोप लगाया कि मंत्री की बेटी को अरबपति निवेशक George Soros से धन प्राप्त हुआ था।
इन आरोपों के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। लोकसभा अध्यक्ष Om Birla ने राहुल गांधी को नियमों के दायरे में रहने की चेतावनी दी।
‘एपस्टीन’ के नारों से गूंजा सदन
विपक्षी सांसदों ने मंत्री के भाषण के दौरान लगातार नारेबाजी की। सदन में “देखो-देखो कौन आया, एपस्टीन का दोस्त आया” जैसे नारे लगने लगे, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। इस दौरान सत्ता पक्ष के सांसदों ने भी जोरदार विरोध दर्ज कराया और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
हरदीप पुरी का बयान: घबराने की जरूरत नहीं
हंगामे के बीच मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने देश में ईंधन आपूर्ति को लेकर सरकार की स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि भारत के पास पर्याप्त कच्चा तेल और गैस उपलब्ध है और नागरिकों को किसी तरह की घबराहट की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि : देश में कच्चे तेल की पर्याप्त उपलब्धता है, एलएनजी (LNG) कार्गो लगातार आ रहे हैं, एलपीजी उत्पादन में लगभग 28% की वृद्धि हुई है, सीएनजी की सप्लाई 100% बरकरार है, कनाडा, नॉर्वे और रूस से ईंधन की आपूर्ति जारी है, उन्होंने कहा कि कुछ अफवाहों के कारण बाजार में अचानक मांग बढ़ गई, जिससे लोगों में पैनिक की स्थिति बनी।
ईरान-अमेरिका तनाव के बीच ईंधन को लेकर चिंता
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और कथित ईरान-अमेरिका संघर्ष के बीच भारत में ईंधन आपूर्ति को लेकर विपक्ष ने चिंता जताई। राहुल गांधी ने कहा कि यदि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज प्रभावित होता है तो इसका असर छोटे व्यापारियों, स्ट्रीट वेंडर्स और आम जनता पर पड़ेगा। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अमेरिका भारत को यह कैसे बता सकता है कि उसे किस देश से तेल खरीदना चाहिए।
सुप्रिया सुले की मांग: सर्वदलीय बैठक बुलाए सरकार
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सांसद Supriya Sule ने ईंधन संकट की आशंकाओं को देखते हुए सरकार से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि गैस की संभावित कमी का असर कई क्षेत्रों पर पड़ सकता है, जैसे: रेस्टोरेंट व्यवसाय, मंदिर और धार्मिक संस्थान, MSME सेक्टर, छोटे व्यापारी, साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीतियों और अमेरिका के संभावित ट्रेड फैसलों के भारत पर पड़ने वाले प्रभाव पर भी सरकार से स्पष्टीकरण मांगा।
राज्यसभा में भी चर्चा के बीच स्थगित हुई कार्यवाही
उधर राज्यसभा में ग्रामीण विकास मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा चल रही थी। हालांकि मंत्री के जवाब से पहले ही सदन ने विशेष उल्लेखों पर चर्चा शुरू कर दी। उपसभापति Harivansh Narayan Singh ने कहा कि मंत्री बाद में जवाब देंगे, जिसके बाद कुछ समय बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
राजनीतिक माहौल और गर्माया
संसद में यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब इससे एक दिन पहले ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने का प्रस्ताव ध्वनि मत से खारिज हुआ था। उस दौरान भी विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नारेबाजी देखने को मिली थी। लगातार हो रहे इन घटनाक्रमों के कारण संसद का बजट सत्र काफी गर्म राजनीतिक माहौल में चल रहा है।
संसद में एलपीजी और ईंधन आपूर्ति जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और व्यक्तिगत टिप्पणियों ने माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है। सरकार जहां ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित होने का दावा कर रही है, वहीं विपक्ष इस मुद्दे पर पारदर्शिता और व्यापक चर्चा की मांग कर रहा है।
अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर क्या रुख सामने आता है।

