TMC को बड़ा झटका: राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने दिया इस्तीफा

Sai Mehta
0 सेकंड पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Yash Kulkarni
0 सेकंड पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बुधवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) की राज्यसभा सांसद और पार्टी की प्रमुख नेताओं में शामिल सुष्मिता देव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी के भीतर चल रहे असंतोष और बगावत की चर्चाओं को और हवा दे दी है। हालांकि, उन्होंने अपने इस्तीफे के पीछे की कोई आधिकारिक वजह सार्वजनिक नहीं की है।
इस्तीफे के तुरंत बाद हिमंता बिस्वा सरमा से मुलाकात
सुष्मिता देव के इस्तीफे के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उनकी असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से हुई मुलाकात को लेकर हो रही है। दोनों नेताओं की मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर शुरू हो गया है। सूत्रों के अनुसार, उनके भाजपा में शामिल होने की संभावनाओं को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है, हालांकि इस पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
एक सप्ताह में दूसरा बड़ा इस्तीफा
सुष्मिता देव का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब पिछले सप्ताह ही टीएमसी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने भी अपने पद से इस्तीफा दिया था। लगातार हो रहे इस्तीफों को पार्टी के लिए गंभीर राजनीतिक चुनौती माना जा रहा है। इससे यह संकेत भी मिल रहे हैं कि पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर असंतोष बढ़ रहा है।
क्या TMC में बढ़ रही है बगावत?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सत्ता से बाहर होने के बाद तृणमूल कांग्रेस लगातार संगठनात्मक संकट से जूझती दिखाई दे रही है। पार्टी के कई नेताओं और सांसदों के इस्तीफे के बाद अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आने लगी है। बागी नेताओं का दावा है कि कई सांसद पार्टी नेतृत्व से नाराज हैं और अलग राजनीतिक विकल्प तलाश रहे हैं।
सुष्मिता देव ने क्या कहा?
इस्तीफे के बाद मीडिया से बातचीत में सुष्मिता देव ने कहा कि वह अब एक स्वतंत्र महिला हैं और हिमंता बिस्वा सरमा से उनकी मुलाकात केवल शिष्टाचार भेंट थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह सीधे तौर पर पश्चिम बंगाल की राजनीति से जुड़ी नहीं हैं और असम की राजनीति में सक्रिय रही हैं।
कांग्रेस से TMC तक का राजनीतिक सफर
53 वर्षीय सुष्मिता देव असम के वरिष्ठ कांग्रेस नेता संतोष मोहन देव की बेटी हैं। वह पहले कांग्रेस की महिला इकाई ऑल इंडिया महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रह चुकी हैं और असम के सिलचर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व भी कर चुकी हैं। वर्ष 2021 में कांग्रेस छोड़कर उन्होंने तृणमूल कांग्रेस का दामन थामा था। इसके बाद पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दीं और राज्यसभा भेजा।
ममता बनर्जी के लिए बढ़ी चुनौती
लगातार हो रहे इस्तीफों और बगावत की खबरों ने ममता बनर्जी के नेतृत्व पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि वरिष्ठ नेताओं का पार्टी छोड़ने का सिलसिला जारी रहा, तो आने वाले समय में टीएमसी को संगठनात्मक और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।




