पीएम मोदी ने शुरू किया नशा मुक्त अभियान: एक करोड़ युवाओं ने ली नशामुक्ति की शपथ

Harsh Pandya
0 सेकंड पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Vaishali shinde
0 सेकंड पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Neel Saxena
0 सेकंड पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Ishaan Tiwari
0 सेकंड पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Yash Kulkarni
0 सेकंड पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Aarohi Chaudhary
0 सेकंड पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Nidhi kumari
0 सेकंड पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Kunal Rao
0 सेकंड पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Reyansh Joshi
0 सेकंड पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशव्यापी 'नशा मुक्त युवा–विकसित भारत संकल्प अभियान' का शुभारंभ किया। इस अवसर पर देशभर के हजारों केंद्रों से बड़ी संख्या में युवाओं ने एक साथ नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया। सरकार का उद्देश्य युवाओं को स्वस्थ, जागरूक और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदार बनाना है।
एक करोड़ से अधिक युवाओं ने ली सामूहिक शपथ
अभियान के उद्घाटन कार्यक्रम में देश के 28 हजार से अधिक स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से एक करोड़ से अधिक युवाओं ने नशा न करने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ ली। इस अभियान में स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, युवा क्लब, एनएसएस स्वयंसेवक और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी भागीदारी की।
100 सप्ताह तक चलेगा जनभागीदारी अभियान
सरकार के अनुसार यह केवल उद्घाटन कार्यक्रम नहीं, बल्कि 100 सप्ताह तक चलने वाला राष्ट्रीय जन-आंदोलन है। अभियान के दौरान प्रत्येक रविवार को खेल प्रतियोगिताएं, वॉकथॉन, योग एवं ध्यान सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक और जनजागरूकता अभियान आयोजित किए जाएंगे। इसका संचालन MY Bharat के स्वयंसेवकों और युवा कार्यक्रमों के माध्यम से किया जाएगा।
युवाओं को दिया स्वस्थ भारत का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब देश का युवा मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहेगा। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, समाज और देश की प्रगति को भी प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
समाज और संस्थानों की होगी व्यापक भागीदारी
अभियान में शैक्षणिक संस्थानों, राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), युवा संगठनों, गैर-सरकारी संस्थाओं तथा 125 से अधिक आध्यात्मिक संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। सरकार का लक्ष्य नशा मुक्ति को केवल सरकारी कार्यक्रम न बनाकर जन-आंदोलन का रूप देना है, ताकि समाज के हर वर्ग तक इसका संदेश पहुंचे।
उत्कृष्ट योगदान देने वालों को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान
अभियान के दौरान नशा मुक्ति के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले युवाओं, संस्थानों और सामाजिक संगठनों को 50वें, 75वें और 100वें सप्ताह पर राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि ऐसे प्रयास युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के साथ-साथ देश में नशा विरोधी जन-जागरूकता को और मजबूत करेंगे।








