भोपाल में राहुल का ‘शक्ति प्रदर्शन: ट्रेड डील पर मोदी सरकार को खुली चुनौती
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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का जवाहर चौक मंगलवार को सियासी अखाड़े में तब्दील हो गया, जब कांग्रेस ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में विशाल किसान महाचौपाल आयोजित की। दोपहर 2:30 बजे मंच पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पहुंचे।
सभा के दौरान पुलिस द्वारा कई कार्यकर्ताओं को रास्ते में रोके जाने पर तनाव की स्थिति भी बनी, जिस पर कांग्रेस ने कड़ा विरोध दर्ज कराया।
खड़गे का हमला
मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि “मोदी ने देश को बेच दिया है।” उन्होंने राहुल गांधी के आरोपों का समर्थन किया और सभा में आए लोगों का आभार जताया।
राहुल का आरोप
राहुल गांधी ने कहा कि ट्रेड डील से किसानों, टेक्सटाइल इंडस्ट्री और रोजगार को भारी नुकसान होगा।
उन्होंने दावा किया कि: भारत का डेटा अमेरिका को सौंपा गया, कृषि और कपड़ा उद्योग पर असर पड़ेगा, अमेरिका से बड़े पैमाने पर आयात का दबाव डाला गया,
मंच पर तीखी बहस
एसीपी उमेश तिवारी और तराना-उज्जैन से कांग्रेस विधायक महेश परमार के बीच तीखी बहस हुई। जिला अध्यक्ष को प्रवेश न देने पर विवाद खड़ा हुआ, बाद में सूची में नाम मिलने के बाद उन्हें प्रवेश दिया गया।
संसद में बोलने से रोके जाने का आरोप
राहुल गांधी ने कहा कि इतिहास में पहली बार लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को बोलने नहीं दिया गया। उन्होंने रक्षा और विदेश नीति पर भी सवाल उठाए।
ट्रेड डील पर कांग्रेस का बड़ा हमला
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री Narendra Modi पर सीधा हमला करते हुए कहा कि यह समझौता “अनुचित” है और इसे रद्द किया जाना चाहिए।
उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का नाम लेते हुए कहा कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कई देश अपने समझौतों पर पुनर्विचार कर रहे हैं, ऐसे में भारत को भी यह कदम उठाना चाहिए।
राहुल ने यह भी आरोप लगाया कि: डील संसद या कैबिनेट को विश्वास में लिए बिना की गई, किसानों और टेक्सटाइल सेक्टर को नुकसान होगा, भारत का रणनीतिक डेटा खतरे में है,
‘EPSTEIN फाइल्स’ और अडानी केस का जिक्र
सभा में राहुल गांधी ने कथित “EPSTEIN फाइल्स” और उद्योगपति Gautam Adani से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए दावा किया कि इन मामलों के दबाव में भारत ने झुककर समझौता किया। उन्होंने कहा कि यह डील राजनीतिक दबाव और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में जल्दबाजी में की गई।
किसानों और पूर्व सैनिकों की मौजूदगी
सभा में बड़ी संख्या में किसान और पूर्व सैन्य अधिकारी मौजूद रहे। अग्निवीर योजना, पेंशन, कृषि आयात, MSP और टेक्सटाइल उद्योग, इन मुद्दों पर नाराजगी जाहिर की गई। किसानों का कहना था कि वे राजनीति नहीं, बल्कि अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं।
बीजेपी का पलटवार
कांग्रेस के इस शक्ति प्रदर्शन पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी पहले रबी और खरीफ की फसल का अंतर समझ लें। वहीं कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना ने कहा कि राहुल गांधी को खेती की बुनियादी जानकारी नहीं है।
मंच पर दिग्गजों की मौजूदगी
मंच पर राहुल और खड़गे के साथ: Digvijaya Singh, Jitu Patwari, Umang Singhar, Vivek Tankha, करीब 50 हजार लोगों के बैठने के लिए विशाल वाटरप्रूफ डोम तैयार किया गया।
ट्रैफिक अलर्ट: इन रास्तों से बचें
जवाहर चौक के आसपास निजी और कमर्शियल वाहनों की एंट्री बंद,
इंदौर-सीहोर रूट से आने वाले वाहन भदभदा और डिपो चौराहा होकर अटल पथ जाएं,
रायसेन-सागर की बसें टीटी नगर स्टेडियम के पास पार्क,
आम जनता के लिए प्लेटिनम प्लाजा से प्रवेश व्यवस्था,
सियासी संदेश क्या है?
भोपाल की इस महाचौपाल के जरिए कांग्रेस ने संकेत दिया है कि वह ट्रेड डील, कृषि और डेटा सुरक्षा जैसे मुद्दों को राष्ट्रीय आंदोलन का रूप देने की तैयारी में है। राहुल गांधी ने साफ कहा कि “हम एक इंच पीछे नहीं हटेंगे।” अब सवाल यह है कि क्या यह मुद्दा आने वाले चुनावी माहौल में बड़ा राजनीतिक विमर्श बनेगा?
भोपाल का जवाहर चौक मंगलवार को सिर्फ एक सभा स्थल नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति का केंद्र बन गया। ट्रेड डील, किसान हित, डेटा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय दबाव जैसे मुद्दों पर सियासत गरमा गई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर केंद्र और विपक्ष के बीच टकराव और तेज होने के संकेत हैं।

