जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत: उठा ‘डिजिटल सुसाइड नोट’ का सवाल

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राजस्थान के जोधपुर से एक सनसनीखेज और बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। पश्चिमी राजस्थान की प्रसिद्ध कथावाचक और सनातन धर्म की प्रचारक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना ने न सिर्फ जोधपुर बल्कि पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है।
मौत के चार घंटे बाद इंस्टाग्राम पोस्ट, सुसाइड नोट या साजिश?
मामले ने तब नया मोड़ ले लिया जब साध्वी की मौत के करीब चार घंटे बाद उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से एक लंबी पोस्ट सामने आई। पोस्ट में उन्होंने सनातन धर्म के लिए जीवन समर्पित करने, ‘अग्नि परीक्षा’ और न्याय की उम्मीद जैसे शब्दों का जिक्र किया।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब अस्पताल के अनुसार उनकी मृत्यु शाम करीब 5:30 बजे हो चुकी थी, तो रात 9:28 बजे यह पोस्ट कैसे हुई? क्या यह पहले से शेड्यूल की गई थी या किसी और ने इसे पोस्ट किया?
वायरल वीडियो, ट्रोलिंग और ब्लैकमेलिंग का पुराना विवाद
साध्वी प्रेम बाईसा सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय थीं। कुछ समय पहले एक वायरल वीडियो को लेकर उन्होंने एक व्यक्ति पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया था। मामला पुलिस तक पहुंचा, आरोपी गिरफ्तार हुआ और बाद में माफी मांगने पर साध्वी ने उसे माफ कर दिया था।
आरोप है कि जेल से बाहर आने के बाद उसी व्यक्ति ने वीडियो को दोबारा एडिट कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिससे साध्वी को भारी ट्रोलिंग और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी।
आश्रम में लगाया गया इंजेक्शन, सबसे बड़ा सवाल
बुधवार सुबह पाल गांव स्थित आश्रम में साध्वी की तबीयत बिगड़ी। सांस लेने में तकलीफ के बाद आश्रम में नर्सिंग स्टाफ द्वारा उन्हें एक इंजेक्शन लगाया गया। कुछ देर राहत मिलने के बाद हालत फिर बिगड़ गई और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई।
अब सवाल उठ रहा है कि इंजेक्शन कौन सा था, किसने लगाया और क्या वह सुरक्षित था?
पोस्टमार्टम को लेकर हंगामा, CCTV फुटेज गायब होने के आरोप
मौत के बाद स्थिति उस वक्त तनावपूर्ण हो गई जब साध्वी के पिता ने शुरुआत में पोस्टमार्टम से इनकार कर दिया। समर्थकों ने आश्रम के बाहर हंगामा किया और सच्चाई छुपाने के आरोप लगाए। आश्रम से CCTV फुटेज गायब होने के भी गंभीर आरोप सामने आए हैं।
राजनीति में एंट्री, हनुमान बेनीवाल ने मांगी उच्च स्तरीय जांच
नागौर सांसद और आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और डीजीपी को टैग करते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक मौत का नहीं, बल्कि सच और न्याय का है।
पुलिस हर एंगल से कर रही जांच
एसीपी (वेस्ट) छवि शर्मा के अनुसार, सोशल मीडिया ट्रोलिंग, ब्लैकमेलिंग, इंजेक्शन, डिजिटल पोस्ट और पोस्टमार्टम से जुड़े हर पहलू की जांच की जा रही है। आज साध्वी के पार्थिव शरीर का पोस्टमार्टम किया जाएगा, जिसके बाद कई राज खुलने की उम्मीद है।

