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मध्य प्रदेश: 2,790 होमगार्ड जवानों को दिवाली का तोहफा,
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मध्य प्रदेश: 2,790 होमगार्ड जवानों को दिवाली का तोहफा, अब अपने गृह जिले में लौटने का मिलेगा मौका

नई दिल्ली (रायटर्स) — मध्य प्रदेश सरकार ने इस साल दिवाली के उपलक्ष्य में राज्य के 2,790 होमगार्ड जवानों को विशेष तोहफा देने का फैसला किया है। इस पहल के तहत, सभी होमगार्ड को उनके गृह जिलों में वापस लौटने की सुविधा एवं आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि वे अपने परिवारों के साथ इस पावन त्यौहार को मनाने का अवसर पा सकें।

क्या दिया गया है तोहफा?

  • यात्रा खर्च की रिहाई – प्रत्येक होमगार्ड को उनके गृह जिले तक की यात्रा के लिए ₹ 1,200/- की नकद सहायता दी जाएगी। यह राशि ट्रेन, बस या व्यक्तिगत वाहन के टिकेट के रूप में इस्तेमाल की जा सकेगी।
  • दिवाली भत्ता – सभी होमगार्ड को अतिरिक्त ₹ 1,500/- का एक बार का दिवाली भत्ता भी दिया जाएगा, जिससे वे अपने परिवार के लिए उपहार एवं मिठाइयाँ खरीद सकें।
  • स्वस्थ्य जांच एवं पावर‑ड्रॉप – सरकार ने इस मौके पर 24‑घंटे की स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाये हैं, जहाँ जवानों को मुफ्त दवाइयाँ, रक्त जांच और पावर‑ड्रॉप (विटामिन‑सी) की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

कब और कैसे मिलेगा यह लाभ?

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 26 अक्टूबर को बड़ौदा (जबलपुर) में आयोजित एक विशेष समारोह में घोषणा की। उन्होंने कहा, “दिवाली का त्यौहार सभी को अपने घर, अपने अपनों के साथ मनाने का है। हमारे होमगार्ड हमारे सुरक्षा कवच के अभिन्न भाग हैं; उन्हें भी इस खुशी में भागीदारी का हक़ है।”

संबंधित विभाग ने एक ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल खोला है जहाँ प्रत्येक होमगार्ड अपने व्यक्तिगत विवरण और यात्रा योजना को अपलोड कर सकते हैं। पंजीकरण के बाद, यात्रा भत्ता सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा।

होमगार्ड की भूमिका और महत्व

होमगार्ड, जिन्हें “राज्य गृह सुरक्षा बल” भी कहा जाता है, राज्य के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्थानीय सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, वसूली, एवं सामुदायिक जागरूकता जैसे कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। महामारी के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम, टीकाकरण ड्राइव और क़राव के दौरान सामाजिक दूरी बनाए रखने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया।

वर्तमान में मध्य प्रदेश में लगभग 1.2 लाख होमगार्ड कार्यरत हैं। इस साल के पहले चरण में 2,790 जवानों को विशेष रूप से इस उपहार से लाभान्वित किया गया, क्योंकि ये वे होते हैं जो पिछले 6 माह से लगातार ड्यूटी पर रहे थे और अब तक घर नहीं जा पाए थे।

अधिकारियों की प्रतिक्रिया

मुख्य होमगार्ड कमांडर श्री अजीत सिंह ने कहा, “हमारे जवानों की कठिनाइयों को सरकार ने समझा है और इस पहल से उनके मनोबल में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। हम अपने कर्तव्य को और अधिक उत्साह के साथ निभाएंगे।”

राज्य गृह सुरक्षा विभाग के निदेशक, इम्तियाज़ अली ने यह भी कहा कि यह पहल केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि जवानों की सामाजिक‑मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। “दिवाली का त्योहार हमारे सैनिकों के लिए भी परिवार और घर की यादें ताज़ा करेगा, जिससे वे अगले साल भी नई ऊर्जा के साथ सेवा कर सकेंगे,” अली ने जोड़ा।

सामाजिक प्रतिक्रिया

जवाबदेह नागरिक संगठनों ने इस कदम की सराहना की। मध्य प्रदेश के एक सामाजिक कार्यकर्ता, सुश्री नीना शर्मा ने कहा, “जवानी के दौरान कई बार हमारे घरों से दूर रहने के कारण भावनात्मक तनाव बढ़ जाता है। इस पहल से न केवल आर्थिक राहत मिल रही है, बल्कि सैनिकों के मनोबल को भी ऊँचा उठाया जा रहा है।”

भविष्य की योजनाएँ

मुख्य सचिव (गृह सुरक्षा) ने बताया कि इस पहल को अगले वर्ष तक बढ़ाया जाएगा और अधिक जवानों को लाभान्वित करने की योजना है। साथ ही, सरकार ने कहा कि भविष्य में होमगार्ड के लिए अतिरिक्त भत्ते, स्वास्थ्य बीमा और बच्चों के लिए स्कॉलरशिप जैसी सुविधाएँ भी प्रदान की जाएँगी।


सारांश: मध्य प्रदेश सरकार ने 2,790 होमगार्ड जवानों को दिवाली के उपहार में यात्रा खर्च, दिवाली भत्ता और स्वास्थ्य जांच जैसी सुविधाएँ प्रदान कर, उन्हें अपने गृह जिलों में लौटने का अवसर दिया है। इस कदम से सैनिकों के मनोबल में वृद्धि की उम्मीद है और यह सामाजिक व सुरक्षा क्षेत्र में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

मध्य प्रदेश: 2,790 होमगार्ड जवानों को दिवाली का तोहफा, अब अपने गृह जिले में लौटने का मिलेगा मौका

नई दिल्ली (रायटर्स) — मध्य प्रदेश सरकार ने इस साल दिवाली के उपलक्ष्य में राज्य के 2,790 होमगार्ड जवानों को विशेष तोहफा देने का फैसला किया है। इस पहल के तहत, सभी होमगार्ड को उनके गृह जिलों में वापस लौटने की सुविधा एवं आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि वे अपने परिवारों के साथ इस पावन त्यौहार को मनाने का अवसर पा सकें।

क्या दिया गया है तोहफा?

  • यात्रा खर्च की रिहाई – प्रत्येक होमगार्ड को उनके गृह जिले तक की यात्रा के लिए ₹ 1,200/- की नकद सहायता दी जाएगी। यह राशि ट्रेन, बस या व्यक्तिगत वाहन के टिकेट के रूप में इस्तेमाल की जा सकेगी।
  • दिवाली भत्ता – सभी होमगार्ड को अतिरिक्त ₹ 1,500/- का एक बार का दिवाली भत्ता भी दिया जाएगा, जिससे वे अपने परिवार के लिए उपहार एवं मिठाइयाँ खरीद सकें।
  • स्वस्थ्य जांच एवं पावर‑ड्रॉप – सरकार ने इस मौके पर 24‑घंटे की स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाये हैं, जहाँ जवानों को मुफ्त दवाइयाँ, रक्त जांच और पावर‑ड्रॉप (विटामिन‑सी) की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

कब और कैसे मिलेगा यह लाभ?

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 26 अक्टूबर को बड़ौदा (जबलपुर) में आयोजित एक विशेष समारोह में घोषणा की। उन्होंने कहा, “दिवाली का त्यौहार सभी को अपने घर, अपने अपनों के साथ मनाने का है। हमारे होमगार्ड हमारे सुरक्षा कवच के अभिन्न भाग हैं; उन्हें भी इस खुशी में भागीदारी का हक़ है।”

संबंधित विभाग ने एक ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल खोला है जहाँ प्रत्येक होमगार्ड अपने व्यक्तिगत विवरण और यात्रा योजना को अपलोड कर सकते हैं। पंजीकरण के बाद, यात्रा भत्ता सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा।

होमगार्ड की भूमिका और महत्व

होमगार्ड, जिन्हें “राज्य गृह सुरक्षा बल” भी कहा जाता है, राज्य के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्थानीय सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, वसूली, एवं सामुदायिक जागरूकता जैसे कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। महामारी के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम, टीकाकरण ड्राइव और क़राव के दौरान सामाजिक दूरी बनाए रखने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया।

वर्तमान में मध्य प्रदेश में लगभग 1.2 लाख होमगार्ड कार्यरत हैं। इस साल के पहले चरण में 2,790 जवानों को विशेष रूप से इस उपहार से लाभान्वित किया गया, क्योंकि ये वे होते हैं जो पिछले 6 माह से लगातार ड्यूटी पर रहे थे और अब तक घर नहीं जा पाए थे।

अधिकारियों की प्रतिक्रिया

मुख्य होमगार्ड कमांडर श्री अजीत सिंह ने कहा, “हमारे जवानों की कठिनाइयों को सरकार ने समझा है और इस पहल से उनके मनोबल में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। हम अपने कर्तव्य को और अधिक उत्साह के साथ निभाएंगे।”

राज्य गृह सुरक्षा विभाग के निदेशक, इम्तियाज़ अली ने यह भी कहा कि यह पहल केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि जवानों की सामाजिक‑मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। “दिवाली का त्योहार हमारे सैनिकों के लिए भी परिवार और घर की यादें ताज़ा करेगा, जिससे वे अगले साल भी नई ऊर्जा के साथ सेवा कर सकेंगे,” अली ने जोड़ा।

सामाजिक प्रतिक्रिया

जवाबदेह नागरिक संगठनों ने इस कदम की सराहना की। मध्य प्रदेश के एक सामाजिक कार्यकर्ता, सुश्री नीना शर्मा ने कहा, “जवानी के दौरान कई बार हमारे घरों से दूर रहने के कारण भावनात्मक तनाव बढ़ जाता है। इस पहल से न केवल आर्थिक राहत मिल रही है, बल्कि सैनिकों के मनोबल को भी ऊँचा उठाया जा रहा है।”

भविष्य की योजनाएँ

मुख्य सचिव (गृह सुरक्षा) ने बताया कि इस पहल को अगले वर्ष तक बढ़ाया जाएगा और अधिक जवानों को लाभान्वित करने की योजना है। साथ ही, सरकार ने कहा कि भविष्य में होमगार्ड के लिए अतिरिक्त भत्ते, स्वास्थ्य बीमा और बच्चों के लिए स्कॉलरशिप जैसी सुविधाएँ भी प्रदान की जाएँगी।


सारांश: मध्य प्रदेश सरकार ने 2,790 होमगार्ड जवानों को दिवाली के उपहार में यात्रा खर्च, दिवाली भत्ता और स्वास्थ्य जांच जैसी सुविधाएँ प्रदान कर, उन्हें अपने गृह जिलों में लौटने का अवसर दिया है। इस कदम से सैनिकों के मनोबल में वृद्धि की उम्मीद है और यह सामाजिक व सुरक्षा क्षेत्र में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

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