विसर्जन के दौरान हादसा: SDRF ने शव निकाला

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मध्य प्रदेश के सतना जिले में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक दर्दनाक हादसे ने उत्सव के माहौल को मातम में बदल दिया। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में रामवन पथ गमन के पास स्थित तालाब में डूबने से एक युवक की जान चली गई। घटना के बाद मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं के बीच अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस और बचाव दल ने मोर्चा संभाला, लेकिन युवक को बचाया नहीं जा सका।
विसर्जन के दौरान तालाब में गिरा युवक
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बुधवार रात श्रद्धालु मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए तालाब के पास एकत्रित हुए थे। इसी दौरान गिरजापुर निवासी अभय का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में जा गिरा। रात का अंधेरा और तालाब की गहराई बचाव कार्य में बड़ी चुनौती बन गए। युवक को पानी में गिरते देख आसपास मौजूद लोगों ने आवाज लगाकर मदद की और उसे बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
सूचना पर पहुंची पुलिस, SDRF को बुलाया गया
हादसे की जानकारी मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम घटनास्थल पर पहुंची। युवक की तलाश के लिए बचाव अभियान शुरू किया गया और एसडीआरएफ की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। रात में किए गए शुरुआती प्रयासों के बाद गुरुवार सुबह फिर से व्यापक स्तर पर तलाशी अभियान चलाया गया।
मोटर बोट और गोताखोरों की मदद से तलाश
युवक का पता लगाने के लिए एसडीआरएफ की टीम ने मोटर बोट और गोताखोरों की सहायता ली। करीब तीन घंटे तक चले तलाशी अभियान के बाद बचाव दल ने तालाब के गहरे पानी से युवक का शव बरामद किया। इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की।
त्योहार की खुशियों के बीच पसरा मातम
दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए इस हादसे से मृतक के परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जिस समय लोग श्रद्धा और उत्साह के साथ माता रानी को विदाई देने पहुंचे थे, उसी दौरान हुई इस घटना ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया। घटना के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में शोक का माहौल है।
विसर्जन के दौरान सावधानी बेहद जरूरी
तालाबों और जलाशयों में प्रतिमा विसर्जन के समय फिसलन, ढलान और गहरे पानी से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ऐसे स्थानों पर प्रशासनिक निगरानी, सुरक्षित दूरी और आवश्यक बचाव व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है। सतना की यह घटना एक दुखद हादसा है, जो विसर्जन के दौरान सुरक्षा उपायों की जरूरत को फिर सामने लाती है।

