जयसिंहनगर में ट्रक से 735 किलो से अधिक गांजा बरामद: पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई, चालक-खलासी गिरफ्तार

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शहडोल में नशे की बड़ी खेप पकड़ी गई, ट्रक से 735 किलो 440 ग्राम गांजा बरामद; दो गिरफ्तार
शहडोल, मध्यप्रदेश। जिले में मादक पदार्थों के अवैध परिवहन के विरुद्ध पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जयसिंहनगर थाना क्षेत्र में गश्त के दौरान एक संदिग्ध ट्रक की तलाशी लेने पर पुलिस टीम को भारी मात्रा में गांजा मिला। बरामद मादक पदार्थ का कुल वजन 735 किलो 440 ग्राम बताया गया है। पुलिस के अनुसार, गांजा 18 बोरियों और 81 पैकेटों में रखा गया था।
इस मामले में ट्रक में मौजूद चालक और खलासी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने गांजे के साथ परिवहन में इस्तेमाल ट्रक और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। सभी जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 13 लाख 55 हजार रुपये बताई गई है। इतनी बड़ी खेप मिलने के बाद अब जांच का प्रमुख विषय यह है कि गांजा कहां से लाया गया था, इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था और इसके परिवहन से जुड़े अन्य लोगों की कोई भूमिका है या नहीं।
गश्त के दौरान संदिग्ध ट्रक पर पुलिस की नजर
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 13 अक्टूबर 2026 को जयसिंहनगर थाना क्षेत्र में गश्त के दौरान एक संदिग्ध ट्रक को रोककर उसकी जांच की गई। तलाशी के दौरान वाहन में रखी बोरियों और पैकेटों में गांजा मिला। इसके बाद पुलिस ने बरामद सामग्री को जब्त कर उसकी मात्रा का आकलन किया।
जांच में गांजे का कुल वजन 735 किलो 440 ग्राम सामने आया। मादक पदार्थ को अलग-अलग बोरियों और पैकेटों में रखा गया था। इतनी बड़ी मात्रा में गांजा मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वाहन में मौजूद दोनों व्यक्तियों को हिरासत में लिया और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की।
इस कार्रवाई में गश्त के दौरान संदिग्ध वाहन की जांच महत्वपूर्ण रही। अब पुलिस बरामद सामग्री और वाहन से जुड़े साक्ष्यों का परीक्षण कर रही है, ताकि मामले की परिस्थितियों को स्पष्ट किया जा सके।
उत्तर प्रदेश और झारखंड के निवासी बताए गए आरोपी
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान राहुल विश्वकर्मा, निवासी आजमगढ़, उत्तर प्रदेश, और नारायण मंडल, निवासी गिरिडीह, झारखंड, के रूप में हुई है। दोनों ट्रक में चालक और खलासी के तौर पर मौजूद बताए गए हैं।
पुलिस ने दोनों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले में उनकी कथित भूमिका, गांजे के परिवहन से जुड़ी परिस्थितियों और अन्य आवश्यक तथ्यों की जांच की जा रही है।
इस तरह के मामलों में केवल वाहन में मादक पदार्थ मिलने तक जांच सीमित नहीं रहती। यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण होता है कि खेप का स्रोत क्या था, परिवहन की व्यवस्था किसने की और संबंधित सामग्री को कहां पहुंचाया जाना था। इन बिंदुओं पर आगे की जांच से अधिक जानकारी सामने आ सकती है।
हालांकि, किसी अन्य व्यक्ति या गिरोह की संलिप्तता के संबंध में अभी कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। ऐसे तथ्य जांच में प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर ही स्थापित किए जा सकते हैं।
गांजे की कीमत 73.50 लाख रुपये, ट्रक और मोबाइल भी जब्त
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बरामद गांजे का अनुमानित मूल्य लगभग 73 लाख 50 हजार रुपये आंका गया है। इसके अतिरिक्त, गांजे के परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे ट्रक की कीमत करीब 40 लाख रुपये बताई गई है।
कार्रवाई के दौरान तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। इनकी अनुमानित कीमत लगभग 5 हजार रुपये बताई गई है। इस प्रकार गांजा, ट्रक और मोबाइल फोन सहित जब्त मशरूके की कुल अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 13 लाख 55 हजार रुपये है।
जब्त मोबाइल फोन और वाहन से संबंधित साक्ष्य जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं। हालांकि, मोबाइल फोन की जांच से क्या जानकारी मिली है, इस संबंध में फिलहाल विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है। इसलिए किसी संभावित संपर्क या नेटवर्क के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जा सकेगा।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर संयुक्त टीम की कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के निर्देश पर की गई। एसडीओपी ब्यौहारी ऋषभ चारी के मार्गदर्शन में जयसिंहनगर पुलिस और साइबर सेल शहडोल की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई को अंजाम दिया।
संयुक्त कार्रवाई के दौरान संदिग्ध ट्रक की जांच की गई और बड़ी मात्रा में गांजा बरामद होने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मादक पदार्थ के साथ वाहन और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
मामले में अब जब्त सामग्री से जुड़े साक्ष्यों का परीक्षण और गिरफ्तार आरोपियों से संबंधित पूछताछ की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। जांच के जरिए परिवहन से जुड़ी परिस्थितियों और खेप के स्रोत के संबंध में तथ्य सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।
नशे के अवैध परिवहन पर रोक लगाने की चुनौती
बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों की बरामदगी के मामले में जांच एजेंसियों के सामने खेप के स्रोत और उसके गंतव्य का पता लगाना महत्वपूर्ण होता है। इसके साथ ही यह भी जांचना आवश्यक है कि परिवहन में इस्तेमाल वाहन और संबंधित दस्तावेजों की स्थिति क्या थी तथा घटना से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में कोई साक्ष्य उपलब्ध हैं या नहीं।
जयसिंहनगर क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के बाद आगे की जांच से मामले की पूरी परिस्थितियां स्पष्ट होने की उम्मीद है। यदि जांच के दौरान अन्य लोगों की संलिप्तता के प्रमाण मिलते हैं, तो उनके विरुद्ध भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए नियमित गश्त, संदिग्ध वाहनों की जांच और विभिन्न इकाइयों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण है। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद अब जांच के परिणामों पर नजर रहेगी।
कार्रवाई की प्रमुख जानकारी
कार्रवाई का स्थान: जयसिंहनगर थाना क्षेत्र, जिला शहडोल
कार्रवाई की तारीख: 13 अक्टूबर 2026
बरामद गांजा: 735 किलो 440 ग्राम
पैकिंग: 18 बोरियां और 81 पैकेट
गिरफ्तार आरोपी: राहुल विश्वकर्मा और नारायण मंडल
गांजे की अनुमानित कीमत: 73 लाख 50 हजार रुपये
ट्रक की अनुमानित कीमत: 40 लाख रुपये
जब्त मोबाइल फोन: 3
कुल जब्त मशरूका: लगभग 1 करोड़ 13 लाख 55 हजार रुपये
दर्ज प्रकरण: एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत
जयसिंहनगर थाना क्षेत्र में ट्रक से गांजे की बड़ी खेप बरामद होने की यह कार्रवाई जिले में मादक पदार्थों के अवैध परिवहन के खिलाफ महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर गांजा, वाहन और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। अब खेप के स्रोत, उसके गंतव्य और परिवहन से जुड़ी परिस्थितियों की जांच की जाएगी।
मामले में आगे की जानकारी आधिकारिक जांच से सामने आएगी। यह भी ध्यान रखना आवश्यक है कि गिरफ्तार व्यक्तियों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा

