जयसिंहनगर वन क्षेत्र में संदिग्ध शिकार उपकरण बरामद: डॉग स्क्वाड और मुखबिरों की मदद से तीन आरोपी गिरफ्तार।

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शहडोल के जंगल में वन्यजीवों के लिए बिछाया गया था करंट का जाल! वन विभाग की कार्रवाई से खुला मामला, तीन शिकारी गिरफ्तार
जंगल में वन्यजीवों की जान लेने के लिए कथित तौर पर तैयार किए गए खतरनाक जाल का मामला शहडोल जिले में सामने आया है। जयसिंहनगर वन परिक्षेत्र में गश्त के दौरान वन विभाग की टीम को जीआई तार और बांस की खूंटियां मिलीं। इन वस्तुओं के मिलने के बाद संभावित शिकार की आशंका पर जांच शुरू की गई। विभाग ने खोजी कुत्ते और मुखबिरों की मदद से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
जंगल में मिले तार और खूंटियों ने खड़े किए गंभीर सवाल
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, 20 अक्टूबर की रात वन परिक्षेत्राधिकारी ए.के. निगम के नेतृत्व में कर्मचारी नियमित गश्त कर रहे थे। इसी दौरान जंगल में जीआई तार और बांस से बनी खूंटियां नजर आईं। मौके की परिस्थितियों को देखते हुए आशंका जताई गई कि इनका उपयोग बिजली का करंट प्रवाहित कर वन्यजीवों को फंसाने या उनका शिकार करने के लिए किया जा सकता था। हालांकि, इस कथित योजना से जुड़े तथ्यों की जांच विभागीय कार्रवाई के तहत की गई।
वनकर्मियों को देखकर संदिग्धों के भागने की जानकारी
बताया गया कि गश्ती दल की मौजूदगी का पता चलते ही मौके पर मौजूद संदिग्ध वहां से भाग निकले। इसके बाद वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई और वरिष्ठ अधिकारियों को घटनाक्रम की जानकारी दी। टीम ने घटनास्थल से मिले सुरागों के आधार पर संदिग्धों तक पहुंचने की कोशिश शुरू की।
खोजी कुत्ते से लेकर मुखबिरों तक की ली गई मदद
संदिग्धों की पहचान और तलाश के लिए वन विभाग ने डॉग स्क्वाड की सहायता ली। खोजी कुत्ते ने घटनास्थल से आगे की तलाश में टीम को दिशा देने में मदद की, लेकिन शुरुआती प्रयास में संदिग्धों का पता नहीं चल सका। इसके बाद मुखबिरों को सक्रिय किया गया और लगातार जानकारी जुटाई गई। इसी प्रयास के बाद विभाग ने तीन लोगों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
तीन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी, न्यायालय के आदेश पर जेल
वन विभाग के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान सुरेश कोल (37 वर्ष), माखन बैगा (58 वर्ष) और रामसुफल बैगा (52 वर्ष) के रूप में हुई है। तीनों के विरुद्ध वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की गई। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए सतर्कता जरूरी
जंगल में कथित तौर पर करंट के जरिए शिकार की तैयारी का यह मामला वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है। बिजली के करंट का इस्तेमाल न केवल वन्यजीवों के लिए जानलेवा हो सकता है, बल्कि जंगल में घूमने वाले अन्य जीवों और लोगों के लिए भी खतरा बन सकता है। इस मामले में वन विभाग की गश्त और आगे की जांच से संदिग्ध गतिविधि का पता चला। जंगलों में अवैध शिकार पर रोक लगाने के लिए नियमित निगरानी और समय पर कार्रवाई महत्वपूर्ण है।

