बैंक डकैती का कथित सरगना गिरफ्तार: 15 करोड़ का सोना और 20 लाख नकद निशाने पर

15 करोड़ का सोना और 20 लाख नकद निशाने पर
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 जेल से बुनी गई 15 करोड़ की बैंक डकैती की साजिश! सिंगरौली पुलिस के शिकंजे में आया कथित मास्टरमाइंड पीयूष जायसवाल

 

  मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की बड़ी डकैती के मामले में पुलिस को अहम सफलता मिली है। अप्रैल 2026 में बैढ़न स्थित बैंक में हुई इस वारदात के कथित मास्टरमाइंड पीयूष जायसवाल को ओडिशा की जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर सिंगरौली लाया गया है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

 

 

जानकारी के अनुसार, डकैती के दौरान बदमाशों ने बैंक में मौजूद कर्मचारियों और ग्राहकों को हथियारों के दम पर बंधक बना लिया था। इसके बाद लॉकर में रखे सोने और कैश काउंटर पर मौजूद करीब 20 लाख रुपये नकद लेकर फरार हो गए। लूटे गए सोने की कीमत लगभग 15 करोड़ रुपये बताई गई है। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने बैंक सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए थे।

 

   महज 15 से 20 मिनट में वारदात को दिया अंजाम

बताया जा रहा है कि पांच हथियारबंद बदमाशों ने बेहद कम समय में पूरी वारदात को अंजाम दिया। बैंक के भीतर दहशत का माहौल बनाकर आरोपी दो मोटरसाइकिलों से फरार हो गए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, उनका भागने का रास्ता छत्तीसगढ़ की ओर था। जांच एजेंसियां अब वारदात की तैयारी, आरोपियों की आवाजाही और लूट के बाद अपनाए गए रास्तों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही हैं।

 

  पुलिस जांच में सामने आए दावों के मुताबिक, इतनी बड़ी डकैती की योजना जेल के भीतर तैयार की गई थी। बिहार के पटना निवासी 26 वर्षीय पीयूष जायसवाल को इस गिरोह का कथित सरगना बताया जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जेल से बाहर मौजूद आरोपियों के साथ किस तरह संपर्क और समन्वय स्थापित किया गया तथा वारदात को अंजाम देने में किन लोगों ने भूमिका निभाई।

 

कई राज्यों में फैले नेटवर्क की जांच तेज

जांच में पीयूष जायसवाल का नाम दूसरे राज्यों में हुई सोने की डकैतियों से भी जोड़ा गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह वर्ष 2021 से अलग-अलग राज्यों में 90 किलोग्राम से अधिक सोने की डकैतियों में कथित तौर पर शामिल रहा है। बिहार एसटीएफ और पटना पुलिस की मदद से कुछ अन्य संदिग्ध सहयोगियों को भी पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है। इन पर फर्जी सिम कार्ड और छिपने के ठिकाने उपलब्ध कराने जैसे आरोप हैं।

 

 सोने की बरामदगी और फरार आरोपियों की तलाश पर फोकस

मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस के सामने लूटे गए सोने और नकदी की बरामदगी बड़ी चुनौती है। पूछताछ के जरिए गिरोह के अन्य सदस्यों, लूट के माल को ठिकाने लगाने के संभावित तरीकों और वारदात से जुड़े दूसरे पहलुओं का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। मामले में आगे की जानकारी पुलिस के आधिकारिक बयानों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर स्पष्ट होगी।

 

 

बैंक ऑफ महाराष्ट्र डकैती मामले में कथित मास्टरमाइंड पीयूष जायसवाल को ओडिशा की जेल से प्रोडक्शन वारंट पर सिंगरौली लाया गया। पुलिस लूटे गए सोने, नकदी और अन्य आरोपियों की तलाश में जांच आगे बढ़ा रही है।

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