कटक के मछली बाजार में भीषण आग से मची तबाही: लाखों का नुकसान
Tanya Bajaj
0 सेकंड पहलेItni important news, dosto ko zaroor bhejo.
Sneha Menon
0 सेकंड पहलेEkdum sahi aur balanced news hai yeh.
Ishaan Tiwari
1 घंटे पहलेItni important news, dosto ko zaroor bhejo.
Riya Jain
2 घंटे पहलेItni important news, dosto ko zaroor bhejo.
ओडिशा के कटक शहर से एक बड़ी और चिंताजनक घटना सामने आई है। लिंक रोड स्थित डेली मार्केट के मछली बाजार में रविवार देर रात अचानक भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि पूरे इलाके में काले धुएं का घना गुबार छा गया। घटना के बाद बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए।
कई दुकानें और बैंक शाखा आग की चपेट में
आग ने बाजार परिसर की कई मछली दुकानों, गोदामों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अपनी चपेट में ले लिया। इसके अलावा परिसर में स्थित बैंक ऑफ इंडिया की शाखा को भी गंभीर नुकसान पहुंचने की सूचना है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि दमकल विभाग के पहुंचने तक बाजार का बड़ा हिस्सा जल चुका था। कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, रिकॉर्ड, मशीनें और अन्य सामान भी आग की भेंट चढ़ गए।
35 दमकल कर्मियों ने संभाला मोर्चा
हादसे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की पांच फायर ब्रिगेड गाड़ियां और 35 से अधिक दमकल कर्मी आधुनिक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचे। फायर फाइटर्स ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से आग पर काबू पाने के लिए लगातार छह घंटे से अधिक समय तक अभियान चलाया। सोमवार सुबह तक भी कई स्थानों पर कूलिंग ऑपरेशन जारी रहा ताकि आग दोबारा न भड़क सके।
व्यापारी ने लगाया देरी से पहुंचने का आरोप
मछली व्यापारी मोहन साहू ने दावा किया कि आग की सूचना देने के बावजूद फायर ब्रिगेड की टीम करीब 45 मिनट की देरी से मौके पर पहुंची। उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में पांच दुकानें पूरी तरह जल गईं। साहू के अनुसार, रविवार को बैंक बंद होने के कारण बिक्री की नकदी गोदाम में रखी हुई थी, जिसमें उनके लगभग 13.85 लाख रुपये जलकर राख हो गए। दुकान में रखे दस्तावेज, मछलियां और इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीनें भी नष्ट हो गईं।
घने धुएं और ज्वलनशील सामग्री ने बढ़ाई चुनौती
दमकल अधिकारियों के मुताबिक, आग बुझाने में सबसे बड़ी बाधा घना धुआं और भवन में रखी ज्वलनशील सामग्री रही। प्रभावित हिस्से में प्लास्टिक, पेंट के डिब्बे, तिरपाल और अन्य ज्वलनशील वस्तुएं मौजूद थीं, जिससे आग तेजी से फैलती गई। भवन में प्रवेश के लिए केवल एक रास्ता होने के कारण राहत और बचाव कार्य भी प्रभावित हुआ।
रोबोटिक फायरफाइटिंग मशीन की ली गई मदद
कुछ हिस्सों में अत्यधिक तापमान और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों के कारण दमकल विभाग ने रोबोटिक फायरफाइटिंग मशीन का उपयोग किया। अधिकारियों ने बताया कि जिन क्षेत्रों में दमकल कर्मियों का प्रवेश सुरक्षित नहीं था, वहां रोबोटिक तकनीक के माध्यम से आग बुझाने का कार्य किया गया। इससे बचाव अभियान को गति मिली और आग पर नियंत्रण पाने में मदद मिली।
लाखों के नुकसान की आशंका, जांच शुरू होगी
इस भीषण हादसे में व्यापारियों को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक आधिकारिक नुकसान का आकलन जारी नहीं किया गया है। राहत की बात यह है कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। आग लगने के वास्तविक कारणों का भी अभी पता नहीं चल पाया है। दमकल विभाग और प्रशासन कूलिंग ऑपरेशन पूरा होने के बाद विस्तृत जांच शुरू करेंगे।
अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
कटक के इस बड़े अग्निकांड ने भीड़भाड़ वाले बाजारों और व्यावसायिक परिसरों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब यह भी जांच करेगा कि बाजार परिसर में अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास और सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।


