₹40 के बन-मक्खन के लिए बना IPS अफसर: लखनऊ में पुलिसवालों से मांगा सैल्यूट

लखनऊ में पुलिसवालों से मांगा सैल्यूट
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Arjun Singh

Arjun Singh

18 घंटे पहले

Ekdum sahi aur balanced news hai yeh.

Pooja Reddy

Pooja Reddy

22 घंटे पहले

Sach dikhane ka shukriya, aisi journalism chahiye.

Diya Gupta

Diya Gupta

1 दिन पहले

Ekdum sahi aur balanced news hai yeh.

Payal jadon

Payal jadon

1 दिन पहले

Iska aage kya hoga? Koi update milega kya?

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के महानगर थाना क्षेत्र स्थित गोल मार्केट चौराहे से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां ₹40 के बन-मक्खन और चाय के पैसे को लेकर शुरू हुआ विवाद एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया, जहां एक व्यक्ति खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर असली पुलिसकर्मियों पर ही रौब झाड़ने लगा। आरोपी की पहचान मिथिलेश शुक्ला के रूप में हुई है, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

 

दुकानदार से पैसे मांगने पर दिखाई अधिकारी वाली हेकड़ी
पुलिस के अनुसार, 13 जून 2026 की रात मिथिलेश शुक्ला ने गोल मार्केट स्थित एक चाय की दुकान पर बन-मक्खन और चाय का सेवन किया। जब दुकानदार वीरू गुप्ता ने उससे भुगतान मांगा, तो वह विवाद करने लगा। मामले की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन आरोपी ने पुलिस के सामने खुद को नोएडा में तैनात आईपीएस अधिकारी बताना शुरू कर दिया।

 

“मुझे सैल्यूट करो, सर बोलो” कहकर पुलिस पर बनाया दबाव
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मिथिलेश शुक्ला ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से कहा कि वे उसे “सर” कहकर संबोधित करें और सैल्यूट करें। उसने पुलिसकर्मियों से यह भी पूछा कि उनकी कैप कहां है और उसे सम्मान क्यों नहीं दिया गया। इतना ही नहीं, उसने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कराने तक की धमकी दे डाली।

 

आईडी कार्ड मांगते ही खुल गई पोल
पुलिस को उसके व्यवहार पर संदेह हुआ तो अधिकारियों ने उससे पहचान पत्र और नियुक्ति संबंधी दस्तावेज दिखाने को कहा। शुरुआत में उसने बहाने बनाए और कहा कि आईडी कार्ड उसके पास नहीं है तथा वह अगले दिन दिखा देगा। लेकिन जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो उसकी सारी हेकड़ी निकल गई।

 

नोएडा की प्राइवेट कंपनी में करता है नौकरी
जांच के दौरान सामने आया कि मिथिलेश शुक्ला किसी भी सरकारी सेवा में नहीं है। वह नोएडा के सेक्टर-18 स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत है। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने प्रभाव जमाने और पुलिस पर दबाव बनाने के लिए खुद को आईपीएस अधिकारी बताया था।

 

सरकारी कार्य में बाधा और धमकाने का मामला दर्ज
महानगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिसकर्मियों को धमकाने और फर्जी पहचान प्रस्तुत करने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

 

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में आरोपी पुलिसकर्मियों पर रौब जमाते हुए दिखाई दे रहा है और खुद को वरिष्ठ अधिकारी बताकर सैल्यूट करने की मांग करता नजर आ रहा है। हालांकि पुलिस की सख्ती के बाद उसकी पूरी सच्चाई सामने आ गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

 

पुलिस की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि कोई भी व्यक्ति यदि खुद को सरकारी अधिकारी बताकर दबाव बनाने या धोखाधड़ी करने की कोशिश करे तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। फर्जी पहचान का इस्तेमाल करना कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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Arjun Singh

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18 घंटे पहले

Ekdum sahi aur balanced news hai yeh.

Pooja Reddy

Pooja Reddy

22 घंटे पहले

Sach dikhane ka shukriya, aisi journalism chahiye.

Diya Gupta

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1 दिन पहले

Ekdum sahi aur balanced news hai yeh.

Payal jadon

Payal jadon

1 दिन पहले

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