छत्तीसगढ़ में हाथियों का आतंक: छात्रावास की बाउंड्री वॉल तोड़ी
Yash Kulkarni
0 सेकंड पहलेKya koi aur khabar bhi aane wali hai is topic par?
छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले से हाथियों के उत्पात का एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में हाथियों का एक झुंड छात्रावास परिसर की पक्की बाउंड्री वॉल को नुकसान पहुंचाते हुए दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि यह घटना मरवाही क्षेत्र की है, जहां अचानक हाथियों का दल रिहायशी इलाके में पहुंच गया और लोगों में दहशत फैल गई।
सूंड और ताकत से तोड़ी छात्रावास की बाउंड्री वॉल
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि हाथी अपनी सूंड और ताकत का इस्तेमाल कर छात्रावास की मजबूत बाउंड्री वॉल को तोड़ रहे हैं। राहत की बात यह रही कि घटना के समय परिसर में कोई मौजूद नहीं था, जिससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। हालांकि, हाथियों द्वारा किए गए नुकसान ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी और वन विभाग परिसर तक पहुंचे हाथी
स्थानीय लोगों के अनुसार, चार हाथियों का यह दल हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी और वन विभाग के रेंज कार्यालय परिसर तक घूमता हुआ पहुंच गया था। रिहायशी क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर जाकर खुद को बचाया और वन विभाग को इसकी सूचना दी।
खेतों में घुसकर फसलों को पहुंचाया नुकसान
बाउंड्री वॉल को क्षतिग्रस्त करने के बाद हाथियों का झुंड आसपास के खेतों की ओर बढ़ गया। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों ने कई किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से मुआवजे और सुरक्षा उपायों की मांग की है।
प्रशासन और वन विभाग ने जारी की चेतावनी
घटना के बाद वन विभाग और स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों ने ग्रामीणों से सतर्क रहने, रात के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने और हाथियों के झुंड से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। वन विभाग की टीम हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी रख रही है ताकि किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।
वन्यजीव-मानव संघर्ष बना चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों के सिकुड़ने और मानव बस्तियों के विस्तार के कारण वन्यजीवों और इंसानों के बीच संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं। मरवाही की यह घटना भी इसी चुनौती की ओर इशारा करती है, जहां हाथियों का झुंड आबादी वाले क्षेत्र में पहुंच गया और नुकसान का कारण बना।



