Satya Niketan building collapse: सत्य निकेतन PG हादसे में 7 की मौत
Anjali Patil
0 सेकंड पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Anika Rajput
0 सेकंड पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Pooja Reddy
0 सेकंड पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत के ढहने से बड़ा हादसा हो गया। यह इमारत छात्रों के लिए निजी PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही थी और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास स्थित थी। हादसे के बाद मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई और पुलिस, दमकल विभाग तथा NDRF समेत विभिन्न एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया। करीब 27 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान 12 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया, जबकि सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
मलबे में फंसे लोगों की तलाश में चला अभियान
इमारत रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे ढह गई थी, जिसके बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। राहत एवं बचाव दलों ने भारी मलबे को बेहद सावधानी से हटाते हुए अंदर फंसे लोगों की तलाश की। बचाव कार्य के दौरान टीमों ने संभावित जीवित लोगों तक पहुंचने के लिए लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया। कुछ घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई गई थी। बचावकर्मियों ने मलबे के बीच फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए आधुनिक उपकरणों और मानवीय प्रयासों का सहारा लिया।
NDRF और दमकल समेत कई एजेंसियां मौके पर
हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस और दिल्ली फायर सर्विस के साथ NDRF तथा अन्य राहत एजेंसियां मौके पर पहुंचीं। संकरी गली में स्थित इमारत के मलबे के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण रहा। बचाव दलों ने मलबे को छोटे हिस्सों में हटाकर अंदर फंसे लोगों की लोकेशन पता करने की कोशिश की। घटनास्थल पर लगातार राहत और बचाव गतिविधियां चलती रहीं। करीब 27 घंटे की मेहनत के बाद सोमवार शाम लगभग 5:10 बजे बचाव अभियान समाप्त कर दिया गया।
बेसमेंट में चल रहे मरम्मत कार्य पर उठे सवाल
शुरुआती जांच में सामने आया है कि इमारत में हादसे के समय बेसमेंट में मरम्मत या निर्माण संबंधी काम चल रहा था। रिपोर्टों के अनुसार यह इमारत करीब 50 वर्ष पुरानी थी और उसकी संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि हादसे की सटीक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और इमारत की सुरक्षा तथा निर्माण नियमों के पालन से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
PG में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
सत्य निकेतन और आसपास का इलाका दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए बड़ी संख्या में PG और निजी हॉस्टलों के लिए जाना जाता है। इस हादसे ने छात्र आवासों की सुरक्षा व्यवस्था और उनकी नियमित जांच को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे के बाद छात्रों के लिए इस्तेमाल होने वाली ऐसी इमारतों की संरचनात्मक सुरक्षा, मरम्मत कार्य और नियमों के पालन की निगरानी पर चर्चा तेज हो गई है। प्रशासन की ओर से भी छात्र आवासों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आगे कदम उठाने की बात सामने आई है।
हादसे के बाद प्रशासनिक कार्रवाई और जांच तेज
सत्य निकेतन हादसे के बाद प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इमारत के मालिक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जबकि MCD के पांच अधिकारियों को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है। दिल्ली सरकार ने भी मामले की जांच और भविष्य में छात्र आवासों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने की बात कही है। इस हादसे ने राजधानी में पुराने और अनधिकृत निर्माणों की निगरानी तथा भवन सुरक्षा नियमों के प्रभावी पालन की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है।


